ED ने Elvish Yadav–फाजिलपुरिया पर कसा शिकंजा, सांप ज़हर केस में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

स्काई डिजिटल के निदेशक गुरकरण सिंह ढिल्लों ने अपने बयान में स्वीकार किया कि उन्होंने बैंकिंग माध्यमों से फाजिलपुरिया को 50 लाख रुपये का भुगतान किया था।

ईडी ने लोकप्रिय गायक फाजिलपुरिया (राहुल यादव) और यूट्यूबर Elvish Yadav के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आरोप पत्र दायर किया है। जाँच एजेंसी ने खुलासा किया है कि दोनों ने अपने वीडियो में साँप और गोह जैसे संरक्षित वन्य जीवों का इस्तेमाल किया है, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 का उल्लंघन है।

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जानकार बता दें कि पूरा मामला हरियाणा के बादशाहपुर थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 146, दिनांक 30 मार्च, 2024 से शुरू हुआ था। इस प्राथमिकी में, Elvish Yadav और फाजिलपुरिया पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11ए के तहत आरोप लगाए गए थे।

’32 बोर’ वीडियो में जंगली जानवरों का इस्तेमाल

ईडी की जाँच के अनुसार, फाजिलपुरिया के यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ हुए गाने ’32 बोर’ और Elvish Yadav के चैनल पर पोस्ट किए गए व्लॉग ‘फाजिलपुरिया भाई के शूट पर रूसी से मुलाकात हो ही गई’ में ज़िंदा साँप और इगुआना दिखाए गए थे। फ्रेम-दर-फ्रेम जाँच में वीडियो में कई टाइमस्टैम्प (0:50 से 3:04 मिनट के बीच) पर ये जीव साफ़ दिखाई दे रहे थे।

वीडियो से कितनी कमाई हुई?

जाँच ​​में पता चला कि ’32 बोर’ वीडियो से कुल 1,477.83 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1,24,067 रुपये) की कमाई हुई। यह रकम फाजिलपुरिया के आधिकारिक डिजिटल वितरक मेसर्स स्काई डिजिटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खाते में जमा की गई। ईडी ने बताया कि यह पैसा अब एसबीआई मोहाली शाखा में सावधि जमा (एफडी) के रूप में है।

लाखों रुपये का लेन-देन

स्काई डिजिटल के निदेशक गुरकरण सिंह ढिल्लों ने अपने बयान में स्वीकार किया कि उन्होंने बैंकिंग माध्यमों से फाजिलपुरिया को 50 लाख रुपये का भुगतान किया था। जाँच में यह भी पता चला कि इस राशि का इस्तेमाल वीडियो के निर्माण और अन्य खर्चों के लिए किया गया था।

Elvish Yadav की कमाई भी जाँच के दायरे में

ED tightens noose on Elvish Yadav-Fazilpuria, accused of money laundering in snake poisoning case

ईडी की जाँच में पाया गया कि Elvish Yadav के चैनल, “एलविश यादव व्लॉग्स” ने वीडियो से लगभग 84,000 रुपये कमाए। यह पैसा उसके आईसीआईसीआई बैंक खाते में जमा किया गया, जिसमें गूगल से यूट्यूब की कमाई के रूप में कुल ₹5.61 करोड़ जमा हुए। अब इन ₹84,000 को फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में फ्रीज कर दिया गया है।

ईडी की कार्रवाई और ज़ब्त संपत्तियाँ

ईडी ने इस मामले में तीन प्रमुख संपत्तियाँ ज़ब्त की हैं: फाजिलपुरिया (राहुल यादव) – 50 लाख रुपये की कृषि भूमि (बिजनौर, उत्तर प्रदेश) ज़ब्त की गई है; डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड – 1.24 लाख रुपये की एफडी; और एल्विश यादव – 84,000 रुपये की एफडी।

ईडी के अनुसार, वीडियो में संरक्षित जानवरों का इस्तेमाल एक “अनुसूचित अपराध” है। इससे प्राप्त आय को “अपराध की आय” माना जाता है। फाजिलपुरिया, Elvish Yadav और स्काई डिजिटल – तीनों ने इस अपराध की आय अर्जित की, रखी और उसका इस्तेमाल किया। ईडी ने कहा कि अब उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध है।

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