Ram Mandir डोनेशन विवाद पर Akhilesh Yadav का BJP पर बड़ा हमला

अयोध्या के Ram Mandir में कथित डोनेशन गबन मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने “भगवान राम और संविधान दोनों के साथ धोखा” किया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा और नैतिकता के प्रतीक हैं, जबकि संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, लेकिन BJP ने दोनों के मूल्यों का सम्मान नहीं किया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJP पर साधा निशाना

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान राम का नाम मर्यादा, सत्य और न्याय का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP केवल मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की चिंता करती है, जबकि भगवान राम के आदर्शों और संवैधानिक मूल्यों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने कहा, “भगवान श्रीराम मर्यादा के प्रतीक हैं और संविधान लोकतंत्र की आत्मा है। भारतीय जनता पार्टी ने दोनों के साथ धोखा किया है। उन्हें चिंता इस बात की है कि कहीं मंदिर में आने वाला दान और चढ़ावा कम न हो जाए।”

Ram Mandir डोनेशन विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अयोध्या के Ram Mandir में कथित डोनेशन गबन मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इस मामले में 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद जांच की जिम्मेदारी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंपी गई।

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सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां मंदिर में प्राप्त दान और उसके प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए SIT को अपनी जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त 15 दिनों का समय दिया गया है, ताकि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा सके।

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा

इस मामले में बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने कथित डोनेशन गबन मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

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इसके बाद जांच एजेंसियों ने मामले की जांच को और तेज कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय का बयान दर्ज किया जा चुका है, जबकि जरूरत पड़ने पर ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।

प्रदेश की राजनीति में तेज हुई बयानबाज़ी

Ram Mandir डोनेशन विवाद अब उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। एक ओर विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार और ट्रस्ट प्रबंधन पर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्ताधारी पक्ष विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक करार दे रहा है।

इस बीच, SIT की जांच जारी है और सभी की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं और इस मामले का राजनीतिक असर आने वाले दिनों में किस तरह दिखाई देता है।

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