BJP ने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए बंगाल में 100 करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले का आरोप लगाया।

भाजपा ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार के तहत मालदा जिले में बाढ़ राहत कोष के वितरण में 100 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का जिक्र है।

पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला करते हुए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा कलकत्ता उच्च न्यायालय में प्रस्तुत 700 पृष्ठों की रिपोर्ट का हवाला दिया।

BJP का बड़ा आरोप

BJP ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार के कार्यकाल में मालदा जिले में बाढ़ राहत कोष के वितरण में 100 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है।

एक पोस्ट में भाजपा ने दावा किया कि रिपोर्ट के निष्कर्ष “जनता के धन की निर्मम, सुनियोजित लूट” की ओर इशारा करते हैं। उसने आरोप लगाया कि वास्तविक बाढ़ पीड़ितों को सहायता से वंचित रखा गया, जबकि राहत कोष को सत्ताधारी दल से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा गबन किया गया। इसे “राज्य प्रायोजित डकैती” बताते हुए पार्टी ने कहा कि रिपोर्ट वित्तीय अनियमितताओं के एक संगठित पैटर्न को उजागर करती है।

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BJP के अनुसार, सीएजी की रिपोर्ट से पता चलता है कि 6,965 व्यक्तियों को बाढ़ राहत राशि कई बार मिली, जिनमें से कुछ ने एक ही बैंक खाते में दो से लेकर 42 बार तक भुगतान प्राप्त किया। पार्टी ने हरिश्चंद्रपुर-2 ब्लॉक के एक मामले का हवाला दिया, जहां एक ही व्यक्ति को कथित तौर पर 42 बार राहत राशि मिली। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि जिला मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में पक्के मकानों को कोई नुकसान नहीं होने की पुष्टि होने के बावजूद, ऐसे मकानों को हुए नुकसान के लिए 7.5 करोड़ रुपये वितरित किए गए।

भाजपा ने यह भी दावा किया कि टीएमसी से कथित तौर पर जुड़े व्यक्तियों सहित 108 जन प्रतिनिधियों और सरकारी कर्मचारियों ने नियमित वेतन प्राप्त करते हुए भी गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के लिए निर्धारित लाभ प्राप्त किए। इसके अतिरिक्त, 7 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उन व्यक्तियों को कथित तौर पर दी गई जिन्होंने राहत के लिए कभी आवेदन नहीं किया था, और ब्लॉक कार्यालयों से आधिकारिक फाइलें कथित तौर पर गायब हो गई हैं, जिससे मामले को दबाने के प्रयासों का संदेह पैदा होता है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाना बनाते हुए भाजपा ने टीएमसी पर पाखंड का आरोप लगाया और कहा कि सरकार जहां अभाव की बात करती है, वहीं उसके नेता “गरीबों से लूट” कर रहे हैं। भाजपा ने कहा, “टीएमसी का डीएनए ‘चूरी’ और ‘चिटफंड’ संस्कृति पर आधारित है।” पार्टी ने कथित घोटाले को “राज्य प्रायोजित डकैती” करार दिया और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि यह मुद्दा 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले जोरदार असर डालेगा।

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