Gujarat आतंकवाद निरोधी दस्ते ने फर्जी लक्जमबर्ग वीजा रैकेट का भंडाफोड़ किया, 4 गिरफ्तार
एटीएस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है।

Gujarat आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने यूरोपीय देश लक्ज़मबर्ग समेत कई देशों में कथित तौर पर फर्जी वीज़ा रैकेट चलाने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मयंक भारद्वाज, तेजेंद्र गज्जर, मनीष पटेल और तबरेज़ कश्मीरी के रूप में हुई है।
Gujarat में फर्जी वीजा रैकेट का भंडाफोड़
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, इंस्पेक्टर पीबी देसाई को इस घोटाले की सूचना मिली और उन्होंने इसकी जाँच शुरू की। पुलिस को पता चला कि भारद्वाज और उसके साथी वीज़ा दिलाने का वादा करके लोगों से 8 लाख से 10 लाख रुपये तक वसूल रहे थे।

भारद्वाज और गज्जर को पूछताछ के लिए बुलाया गया, जिसके दौरान उन्होंने मनीष पटेल के ज़रिए पाँच लोगों को नकली लक्ज़मबर्ग वीज़ा देने की बात स्वीकार की, जिन्होंने मुंबई के तबरेज़ कश्मीरी से ये वीज़ा हासिल किए थे।
दस्तावेजों की पुष्टि के लिए, एटीएस ने लक्ज़मबर्ग दूतावास से संपर्क किया, जिसने पुष्टि की कि संबंधित वीज़ा फर्जी थे और उनके द्वारा जारी नहीं किए गए थे। यह भी पता चला कि पाँचों व्यक्तियों ने पहले भी वीज़ा के लिए आवेदन किया था, जो झूठे रोज़गार रिकॉर्ड के कारण अस्वीकार कर दिए गए थे।
आगे की जाँच में पता चला कि आरोपियों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके 39 अन्य लोगों के लिए भी फर्जी वीज़ा बनाए गए थे। Gujarat पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पासपोर्ट पर नकली वीज़ा स्टिकर लगाए थे और पीड़ितों से बड़ी रकम वसूली थी।
एटीएस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है।
अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें










