Abhishek Banerjee के खिलाफ शिकायत, चुनावी बयानों को लेकर बढ़ा विवाद; घर पर भी हुई तलाशी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद Abhishek Banerjee के खिलाफ चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ बयानों को लेकर सिलीगुड़ी साइबर सेल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता संजय कुमार सिंघल ने आरोप लगाया है कि Abhishek Banerjee के कुछ सार्वजनिक बयान और सोशल मीडिया पोस्ट राजनीतिक तनाव और भय का माहौल पैदा करने वाले थे।
शिकायत के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान Abhishek Banerjee द्वारा दिए गए कुछ भाषणों में मतदान और चुनाव परिणामों के बाद की परिस्थितियों को लेकर ऐसी टिप्पणियां की गईं जिन्हें आम लोग डराने वाली या उकसाने वाली मान सकते हैं। सिंघल का कहना है कि इन बयानों से जनता के बीच असुरक्षा और राजनीतिक तनाव की भावना पैदा हो सकती थी।
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शिकायतकर्ता ने उठाए सवाल
संजय कुमार सिंघल ने बताया कि उन्होंने 12 जून को सिलीगुड़ी साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने ऐसे बयान दिए जो लोकतांत्रिक और कानूनी मर्यादाओं के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई सांसद खुले तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री को चुनौती देता है और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करता है, तो इससे आम लोगों में भय का माहौल बन सकता है।
सिंघल ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। उनका दावा है कि चुनावी भाषणों में इस्तेमाल की गई भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुकूल नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत का उद्देश्य किसी व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कानून सभी पर समान रूप से लागू हो।
Abhishek Banerjee के घर पर तलाशी
इसी बीच शनिवार तड़के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के अधिकारियों की एक टीम ने कोलकाता स्थित Abhishek Banerjee के कालीघाट आवास पर तलाशी अभियान चलाया। तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने दावा किया कि पुलिस सुबह करीब 3 बजे बनर्जी के घर पहुंची और बाद में तलाशी अभियान चलाया गया।
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सागरिका घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि तलाशी के दौरान किसी प्रकार का आपत्तिजनक दस्तावेज या सामग्री बरामद नहीं हुई। उनके अनुसार, जब्ती रिपोर्ट में “NIL” दर्ज किया गया, जो दर्शाता है कि जांच एजेंसियों को कोई सबूत नहीं मिला। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया।
TMC ने लगाया राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
तृणमूल कांग्रेस ने भी पूरे घटनाक्रम की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियों द्वारा कुछ वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जानकारी मीडिया में लीक की गई, जबकि उनका अभिषेक बनर्जी या उनके सहयोगियों से कोई संबंध नहीं है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। TMC ने कहा कि वह इस मामले में कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रही है और तथ्यों को अदालत के सामने रखेगी।
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ममता बनर्जी के खिलाफ भी FIR
राज्य की राजनीति में तनाव उस समय और बढ़ गया जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भी एक FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई। कोलकाता पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनके कुछ सार्वजनिक बयानों ने सामाजिक और राजनीतिक तनाव को बढ़ावा दिया।
चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक तल्खी
पश्चिम बंगाल में हालिया घटनाओं ने चुनावी राजनीति को और अधिक विवादित बना दिया है। एक तरफ Abhishek Banerjee के खिलाफ शिकायत और उनके घर पर हुई तलाशी चर्चा का विषय बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर TMC इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई, कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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