Gaurav Gogoi ने Amit Shah पर साधा निशाना, संसद से गैरहाजिरी को बताया “कुंभकर्ण जैसी नींद”

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मॉनसून सत्र के दौरान वे संसद से नदारद रहे।

उन्होंने कहा कि शाह सत्र खत्म होने से सिर्फ़ दो दिन पहले ही अपनी ‘कुंभकर्ण जैसी नींद’ से जागे और सवाल किया कि उन्होंने असल चर्चाओं में हिस्सा क्यों नहीं लिया।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोगोई ने आरोप लगाया कि जब विपक्ष जंतर-मंतर पर 20 जुलाई की रैली के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री का बयान मांगता रहा, तब वे नदारद रहे।

Amit Shah को लेकर Gaurav Gogoi का बड़ा हमला, बोले- ‘असल चर्चा के वक्त आप कहां थे?’

गोगोई ने कहा, “गृह मंत्री 15 दिनों तक गायब रहे और सत्र खत्म होने से दो दिन पहले अपनी ‘कुंभकर्ण जैसी नींद’ से जागे, यह दावा करते हुए कि वे चर्चा के लिए तैयार हैं। जब असल चर्चा हो रही थी, तब आप कहाँ थे? सभी अपनी राय दे चुके थे; बस आपके बयान का इंतज़ार था।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने गृह मंत्री को विपक्ष की मांगों का जवाब देने देने के बजाय बार-बार और चर्चा की मांग की, और केंद्र पर अपनी ज़िम्मेदारियों से बचने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “लेकिन उन्होंने बयान देने से किनारा कर लिया और बार-बार और चर्चा की मांग करते रहे – यह सिर्फ़ सदन से दूर रहने और अपनी ज़िम्मेदारियों से भागने का बहाना था।

आख़िरकार, जब लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हो रही थी, तब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री वहाँ पहुँचे; उन्होंने स्पीकर का संबोधन तक नहीं सुना।”

Priyanka Gandhi का Amit Shah पर तंज, कहा- आज सिर्फ वंदे मातरम गाने आए हैं

Gaurav Gogoi का केंद्र पर हमला, बोले- ‘डरे और सहमे’ रहे PM Modi और Amit Shah

गोगोई ने केंद्र पर मॉनसून सत्र के दौरान “डरे और सहमे” रहने का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह कार्यवाही से “पूरी तरह नदारद और दूर” रहे।

उन्होंने कहा, “हमने कई सत्र देखे हैं, लेकिन किसी भी सत्र में सत्ताधारी सरकार को इतना डरा और सहमा हुआ कभी नहीं देखा, जितना इस सत्र में देखा है।

शायद यह पहला मौका है जब हमने ऐसा सत्र देखा है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सदन की कार्यवाही से पूरी तरह नदारद और दूर रहे।”

गोगोई ने आगे आरोप लगाया, “इस पूरे सत्र के दौरान सरकार बैकफुट पर रही। क्योंकि सरकार इन मुद्दों से बचना चाहती थी, इसलिए ऐसा लग रहा था कि वे सदन से भाग रहे हैं।”


गोगोई की यह टिप्पणी अमित शाह के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने बुधवार को कहा था कि वह NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर संसद में “सभी सवालों का जवाब” देने के लिए तैयार हैं।

साथ ही, उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि वे इस पर चर्चा के लिए विपक्ष से सलाह-मशविरा करें और इसके लिए समय निर्धारित करें।

Amit Shah का लोकसभा अध्यक्ष को पत्र, कहा- ‘सार्वजनिक परीक्षा विधेयक’ पर हो चुकी है चर्चा

लोकसभा अध्यक्ष को लिखे एक पत्र में शाह ने कहा कि संसद के मौजूदा सत्र के दौरान ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर पहले ही चर्चा हो चुकी है

और विधेयक पर चर्चा के बावजूद, उस समय विपक्ष के किसी भी सदस्य ने सदन में NEET परीक्षा का मुद्दा नहीं उठाया था।उन्होंने आगे कहा, “फिर भी, सरकार इस मुद्दे पर दोबारा चर्चा करने के लिए तैयार है।”

इस बीच, मॉनसून सत्र के आखिरी दिन ‘वंदे मातरम’ की पारंपरिक धुन के साथ कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद लोकसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष के लगातार विरोध और ज़ोरदार नारेबाज़ी के कारण सदन की कार्यवाही में बाधा पड़ी, जिसके बाद सदन को स्थगित करना पड़ा।

अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें

Exit mobile version