Sawan Somwar 2025: जानें सावन सोमवार का महत्व, व्रत विधि और पूजा का सही तरीका

हिंदू पंचांग के अनुसार, Sawan माह की चतुर्दशी तिथि 23 जुलाई 2025 को सुबह 04:39 बजे से शुरू होकर 24 जुलाई 2025 को सुबह 02:28 बजे तक रहेगी।

Sawan 2025: सावन, जिसे श्रावण या सावन मास भी कहा जाता है, हिंदू कैलेंडर का एक पवित्र महीना है जो आमतौर पर जुलाई या अगस्त में पड़ता है। इसे भगवान शिव की पूजा के लिए एक पवित्र काल माना जाता है और यह आध्यात्मिक विकास, नवीनीकरण और भक्ति से जुड़ा है। यह महीना भगवान शिव को समर्पित है और भक्त अक्सर उपवास रखते हैं, पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद पाने के लिए प्रार्थना करते हैं।

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कई भक्त सोमवार या पूरे महीने उपवास रखते हैं और भगवान शिव की मूर्ति पर अभिषेक (जल, दूध या अन्य तरल पदार्थ चढ़ाना) जैसे अनुष्ठान करते हैं। Sawan को आध्यात्मिक विकास और आत्मचिंतन के लिए एक शुभ समय माना जाता है। इस महीने में भक्त अक्सर ध्यान, योग और अन्य आध्यात्मिक साधनाओं में संलग्न होते हैं।

Sawan का महत्व

Sawan Somwar 2025: Know the importance of Sawan Monday, fasting method and right way of worship

सावन एक पवित्र महीना माना जाता है जो भक्तों को भगवान शिव से जुड़ने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। सावन हिंदू संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और पूरे भारत में मनाया जाता है। यह महीना कई त्योहारों से जुड़ा है, जिनमें श्रावण शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा शामिल हैं, जहाँ भक्त भगवान शिव को अर्पित करने के लिए गंगा नदी से पवित्र जल लाते हैं। हरियाली अमावस्या भी सावन माह का एक शुभ दिन है।

Sawan 2025 की महत्वपूर्ण तिथियाँ और सभी सोमवार व्रत की सूची

कई भक्त सोमवार या पूरे महीने उपवास रखते हैं और भगवान शिव की मूर्ति पर अभिषेक (जल, दूध या अन्य तरल पदार्थ चढ़ाना) जैसे अनुष्ठान करते हैं।

  • श्रावण प्रारंभ – 11 जुलाई, 2025, शुक्रवार
  • पहला श्रावण सोमवार व्रत – 14 जुलाई, 2025, सोमवार
  • दूसरा श्रावण सोमवार व्रत – 21 जुलाई, 2025, सोमवार
  • सावन शिवरात्रि – 23 जुलाई, 2025, बुधवार
  • तीसरा श्रावण सोमवार व्रत – 28 जुलाई, 2025, सोमवार
  • चौथा श्रावण सोमवार व्रत – 4 अगस्त, 2025, सोमवार
  • Sawan समाप्त – 9 अगस्त, 2025, शनिवार

2025 में शिवरात्रि का समय

Sawan Somwar 2025: Know the importance of Sawan Monday, fasting method and right way of worship

इस पूरे माह में सबसे खास दिन सावन शिवरात्रि है, जो कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, Sawan माह की चतुर्दशी तिथि 23 जुलाई 2025 को सुबह 04:39 बजे से शुरू होकर 24 जुलाई 2025 को सुबह 02:28 बजे तक रहेगी। निशिता काल पूजा (मध्यरात्रि की पूजा) 23 जुलाई को ही होगी, इसलिए सावन शिवरात्रि का व्रत और पूजा 23 जुलाई 2025, बुधवार को की जाएगी।

शिवरात्रि पूजा विधि के 6 महत्वपूर्ण चरण

  • प्रातः स्नान और व्रत का संकल्प: दिन की शुरुआत स्नान से करें, फिर पूरे दिन व्रत रखने का संकल्प लें।
  • अभिषेक: शिवलिंग का गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और चीनी (पंचामृत) से अभिषेक करें।
  • प्रसाद: भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल, चंदन, फल और अगरबत्ती अर्पित करें।
  • मंत्र जाप: भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  • रात्रि पूजा: रात भर जागते रहें और शिव भजन, स्तोत्र या शिव पुराण के अंशों का पाठ करें।
  • व्रत तोड़ना: पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए अगले दिन शुभ मुहूर्त में व्रत समाप्त करें।

भगवान शिव की पूजा कैसे करें?

  • Sawan मास में शिव पूजा के लिए तन-मन को शुद्ध करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • कभी भी फटे हुए या काले वस्त्र पहनकर शिव की पूजा न करें।
  • शिव की पूजा हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठकर करें।
  • भगवान शिव को पवित्र गंगाजल या शुद्ध जल, दूध, दही, घी, पुष्प, बेलपत्र, शमीपत्र, धतूरा, भांग, चंदन, भस्म, वस्त्र आदि अपनी सुविधानुसार अर्पित करें।
  • इसके बाद सात्विक वस्तुएँ जैसे फल, मिठाई आदि अर्पित करें।
  • उनका ध्यान करते हुए मन ही मन ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
  • अंत में पूरी श्रद्धा से भगवान शिव की आरती करें और प्रसाद को अधिक से अधिक लोगों में बाँटकर स्वयं भी ग्रहण करें।

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