Jairam Ramesh ने Delhi में Voter List से नाम हटाने के मामले में EC को घेरा

वरिष्ठ कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने सोमवार को भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के दौरान, ‘अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट’ (ASDD) श्रेणियों में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटा दिए गए।

एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए, कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि दिल्ली के दो मतदान केंद्रों पर लगभग 100 मतदाताओं के नाम गलत तरीके से ASDD श्रेणियों में डालकर हटा दिए गए।

EC पर Jairam Ramesh के सवाल

Jairam Ramesh ने कहा कि इस “गड़बड़ी को ठीक करना” चुनाव आयोग का काम है, न कि नागरिक समाज (सिविल सोसाइटी) का, जो मतदाताओं के लिए शिविर आयोजित कर रहा है।

‘X’ (ट्विटर) पर एक पोस्ट में Jairam Ramesh ने कहा, “विनाशकारी SIR प्रक्रिया के तहत हटाए गए नामों में से ज्यादातर ASDD श्रेणी के हैं: अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट।

भाजपा और उसके अनौपचारिक प्रवक्ता इसका इस्तेमाल SIR का बचाव करने के लिए कर रहे हैं और इसे ‘मतदाता सूची की सफाई’ बता रहे हैं। “लेकिन दिल्ली में नागरिक समाज संगठनों द्वारा किए गए एक सार्वजनिक ऑडिट से पता चला है कि ‘ASDD’ के नाम पर बड़े पैमाने पर गलत तरीके से नाम हटाए जा रहे हैं।

उन्हें सिर्फ 2 पोलिंग बूथों पर ही कम से कम 100 ऐसे मतदाता मिले, जिनके नाम ‘ASDD’ के तहत गलत तरीके से हटा दिए गए थे – इनमें से ज्यादातर ‘शिफ्टेड’ (स्थान बदलने वाले) या ‘एब्सेंट’ (अनुपस्थित) श्रेणियों में थे।

पूरे देश में इन 2 श्रेणियों के तहत ही 9 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘इनमें से कितने असली मतदाता हैं, जिन्हें उनके वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है?’”

उन्होंने कहा कि इस तरह की गड़बड़ियों से ‘डोर-टू-डोर’ (घर-घर जाकर) सत्यापन की सच्चाई सामने आ गई है, जिसे बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के लिए करना अनिवार्य था। Jairam Ramesh ने उन मतदाताओं के नाम फिर से जोड़ने की मांग की, जिनके बारे में उनका आरोप है कि उनके नाम गलत तरीके से हटा दिए गए थे।

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ECI के दावों पर उठे सवाल

Jairam Ramesh ने कहा, “रिपोर्टों से ‘विशेष शिविरों’ और ‘डोर-टू-डोर’ सत्यापन की सच्चाई भी सामने आती है, जिसका वादा भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने अपने विभिन्न ‘डैमेज-कंट्रोल’ (नुकसान की भरपाई वाले) प्रेस नोटों में किया था।

गलत तरीके से हटाए गए कई मतदाताओं को इन शिविरों के बारे में पता ही नहीं है और उनके बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने उनसे कोई संपर्क भी नहीं किया है।” ‘X’ (ट्विटर) पर की गई पोस्ट में कहा गया, “अपनी विनाशकारी ‘SIR’ (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया से पैदा हुई इस गड़बड़ी को नागरिक समाज को नहीं, बल्कि खुद ECI को ठीक करना चाहिए।

इस अवैध और असंवैधानिक ‘SIR’ प्रक्रिया को तुरंत रोका जाना चाहिए। गलत तरीके से हटाए गए सभी मतदाताओं के नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़े जाने चाहिए।”

यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब ‘INDIA’ गठबंधन, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ आंदोलन कर रहा है। कांग्रेस ने CEC कुमार को हटाने और ‘SIR’ प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की है।

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