नई दिल्ली: Karnataka Revenue Minister Krishna Byre Gowda ने सोमवार से लागू हुए नए जीएसटी (GST 2.0) ढांचे पर अपनी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस नए ढांचे से राज्यों को कम से कम 1 से 1.5 लाख करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो सकता है।
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Karnataka मंत्री की टिप्पणियाँ
- श्री गौड़ा ने कहा कि केंद्र ने दरों में कमी का पूरा बोझ राज्यों पर डाल दिया है।
- उनका कहना है कि यह सहकारी संघवाद के मूल सिद्धांतों के विपरीत है और राज्यों की राजकोषीय स्थिरता को नुकसान पहुँचाएगा।
- उन्होंने जोड़ा कि जहां राज्यों को राजस्व हानि हो रही है, वहीं केंद्र को 50,000 से 60,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है।
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राजस्व संरक्षण पर स्थिति
- मंत्री ने कहा कि राज्यों को क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र से कोई भरोसा नहीं था; केवल यह सुझाव दिया गया था कि पूर्ववर्ती उपकर, जिन्हें अब केंद्र सरकार अपने अधीन ले रही है, जारी रहें और राज्यों के नुकसान की भरपाई के लिए इसका उपयोग किया जाए।
- उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया और टालमटोल कर रहा है।
नए GST ढांचे का प्रभाव
- 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह सबसे बड़ा बदलाव है।
- मौजूदा 5%, 12%, 18%, और 28% दरों को केवल दो दरों – 5% और 18% में बदल दिया गया है।
- रोज़मर्रा की खाने-पीने की चीज़ें, जीवन और स्वास्थ्य बीमा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टेशनरी, सौंदर्य और जीवनशैली सेवाएँ अब सस्ती हो जाएँगी।
- अति-विलासिता वस्तुओं पर 40% कर और तंबाकू उत्पादों पर 28% से अधिक उपकर रहेगा।
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