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Supreme Court: प्रस्तावित Tractor Rally पुलिस का मामला, केंद्र ने वापस ली याचिका

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New Delhi: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा 26 जनवरी को किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) को पुलिस का मामला बताए जाने के बाद मामले में कोर्ट से हस्तक्षेप के अनुरोध वाली याचिका वापस ली। सुप्रीम कोर्ट ने 26 जनवरी की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) को लेकर दायर याचिका पर कहा, आप प्राधिकार हैं और आपको इससे निपटना है, इसपर आदेश पारित करना अदालत का काम नहीं। 8 किसान यूनियनों की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने चीफ जस्टिस को बताया कि किसान केवल बाहरी रिंग रोड पर शांतिपूर्ण तरीके से गणतंत्र दिवस मनाना चाहते हैं। उनका शांति को भंग करने का कोई इरादा नहीं है।

किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा को NIA का समन

वहीं, किसान नेता कलवंत सिंह संधू ने कहा कि किसान संगठनों के नेता 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च (Tractor Rally) निकालने के मुद्दे पर दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। दूसरी तरफ, केंद्र सरकार के साथ होने वाली 10वें दौर की वार्ता के लिए किसान नेता विज्ञान भवन पहुंच गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता ने बताया,”हम बैठक और आंदोलन भी करेंगे। किसान यहां से वापस नहीं जाएगा। 

26 जनवरी को बड़े आंदोलन की तैयारी में किसान, पंजाब में हजारों वॉलंटियर जुड़े

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में अपनी निर्धारित ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) को लेकर अनिश्चितता की स्थिति के बीच, नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मंगलवार को कहा कि “शांतिपूर्ण मार्च” की तैयारी पूरे जोरों पर है और वापस हटने का कोई सवाल ही नहीं है। अभी तक इस रैली को हालांकि आधिकारिक अनुमति नहीं मिली है। गौरतलब है कि किसान संगठनों ने घोषणा की है कि हजारों किसान 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी की आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर रैली निकालेंगे।

सरकार वापस नहीं लेगी कृषि कानून, सीएम मनोहर लाल खट्टर

पंजाब के तरनतारन जिले के कुर्लाल सिंह ने कहा कहा, “हम अब तक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करते आ रहे हैं, और हमारी रैली भी अहिंसक होगी। दिल्ली में प्रवेश करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। केंद्र सरकार और प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच भी नौ दौर की अलग से बात हुई थी दिल्ली की सीमा पर हजारों की संख्या में किसान करीब दो महीने से नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

Bihar News: नाबालिग लड़की का अपहरण कर Gangrape, दोनों आरोपी फरार

Bihar: बिहार में लॉ एंड ऑर्डर (Law And Order Bihar) के मुद्दे पर हंगामा लगातार जारी है। पुलिस प्रशासन (Bihar Police) सवालों के घेरे में हैं। बावूजद इसके वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सुपौल में एक नाबालिग से गैंगरेप का (Gangrape) सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा कि पीड़िता का पहले दो युवकों ने अपहरण किया, फिर उसके साथ हैवानियत (Gangrape) की गई। यही नहीं पीड़िता की हालत बिगड़ने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।

तीन साल की बच्ची के साथ गैंगरेप, तीनों आरोपी नाबालिग, गिरफ्तार

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित लड़की परिजनों से मिली। उसने अपने साथ हुई दरिंदगी (Gangrape) के बारे में बताया। सनसनीखेज मामला सुपौल के लौकहा ओपी थाना इलाके के एक गांव का है। परिजनों का आरोप है कि जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी हुई वो शिकायत लेकर थाने पहुंचे लेकिन उन्हें महिला थाने भेज दिया गया। हालांकि, मामले में उच्च अधिकारियों तक बात पहुंची तो महिला थाने में केस दर्ज हुआ।

नाबालिग से जानकार ने दोस्तों के साथ मिलकर किया गैंगरेप

बताया जा रहा कि गैंगरेप (Gangrape) का मामला सोमवार रात का है, जब नाबालिग लड़की किसी काम की वजह से पड़ोस में जाने के लिए निकली थी। तभी दो युवकों ने उसका अपहरण कर लिया फिर उसके साथ गैंगरेप (Gangrape) किया। इस दौरान पीड़िता बेहोश हो गई तो आरोपी उसे छोड़कर फरार हो गए। दूसरी ओर पीड़िता को जब होश आया तो वह किसी तरह घर पहुंची और पूरी बात परिजनों को बताई। परिजन मंगलवार को शिकायत दर्ज कराने पहुंचे, हालांकि उनका आरोप है कि उस समय पुलिस ने उन्हें महिला थाने जाने के लिए कहा। बाद में सदर डीएसपी के निर्देश पर केस दर्ज किया गया। अब पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

Farm Laws: हेमा मालिनी को किसानों का न्योता, कहा पंजाब आकर समझाएं कानून

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New Delhi: पंजाब के एक किसान संगठन ने हेमा मालिनी (Hema Malini) को न्योता दिया है। इस किसान संगठन ने बकायदा हेमा को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि वह पंजाब आएं और यहां के किसानों को केंद्रीय कृषि कानूनों (Farm Laws) के फायदे बताएं। पंजाब के किसान संगठन कांधी किसान संघर्ष कमेटी की ओर से भेजे गए पत्र में मथुरा की सांसद हेमा मालिनी को पंजाब आने को कहा गया है।

NIA के जरिए हमें डराने-धमकाने की कोशिश हो रही है

पत्र में लिखा है कि पंजाब के किसान आपसे मिलना चाहते हैं। इसके लिए आपको यहां आना होगा और किसानों को केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों (Farm Laws) के फायदे बताने होंगे। पत्र में संगठन ने लिखा है कि हेमा मालिनी के पंजाब आने की टिकट और फाइव स्टार होटल का एक सप्ताह का खर्च भी संगठन वहन करेगा।

अधिकांश किसान और विशेषज्ञ कृषि कानूनों के पक्ष में हैं, कृषि मंत्री तोमर

किसान संगठन अध्यक्ष भूपिंदर सिंह, उपाध्यक्ष जरनैली सिंह ने कहा कि पंजाब में हेमा मालिनी को भाभी के समान सम्मान दिया जाता है। भाभी मां के समान होती है। बता दें कि हेमा मालिनी ने किसान आंदोलन (Farmers Protest) के बारे में कहा था कि किसान यह नहीं जानते कि उन्हें क्या चाहिए, उनके पास कोई एजेंडा नहीं है, वे विपक्ष के बहकावे में आ रहे हैं।

SC द्वारा बनाई गयी समिति से भूपेंद्र सिंह मान ने खुद को अलग किया

गौरतलब है कि हेमा मालिनी के पति अभिनेता धर्मेंद्र लुधियाना के सहनेवाल के रहने वाले हैं। पठानकोट में धर्मेंद्र का फार्म हाउस है। अक्सर वे अपने खेतों की वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं। वहीं उनके बेटे सनी देओल गुरदासपुर से भाजपा के सांसद हैं।

जेल से रिहा हुए AAP विधायक Somnath Bharti, CM योगी पर फिर बोला हमला

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Lucknow: पूर्व कानून मंत्री एवं वर्तमान में दिल्ली की मालवीय नगर सीट से आप विधायक Somnath Bharti मंगलवार 9वें दिन सुलतानपुर की अमहट जेल से रिहा हुए। उनकी रिहाई पर समर्थकों में काफी खुशी दिखाई पड़ी, समर्थकों ने अमहट जेल से बाहर उनका स्वागत किया और जमकर नारेबाजी की। जेल से बाहर आने के बाद भारती ने 9 जनवरी को अमेठी में दिए गए बयान ‘यूपी के अस्पतालों में पैदा होते हैं कुत्ते के बच्चे’ पर सफाई दी।

अराजक तत्वों ने आगरा के SN Medical College में जमकर की तोड़फोड़

विधायक सोमनाथ भारती ने कहा कि, जो मैंने अमेठी में बयान दिया, सिद्धार्थ नाथ सिंह जो उत्तर प्रदेश के मंत्री हैं उनके विधानसभा में प्राइमरी हेल्थ सेंटर है जो बना था जनता की सेवा के लिए, लेकिन जब वहां जाया गया तो वहां पहले कमरे में ही एक कुत्ते के आठ बच्चे वहां पर थे। वो वीडियो मैंने जारी किया है। भारती (Somnath Bharti) ने आगे कहा कि उस बदहाली की तरफ मैंने इशारा किया कि, जो मेडिकल सुविधाएं जनता को उपलब्ध करानी चाहिए थी योगी सरकार को वो उपलब्ध नही करा पा रही है। जिस अस्पताल में सुचारू रुप से काम चलना चाहिए था, इंसानों के बच्चे आना चाहिए थे वो वहां नही हो पा रहा है। अस्पताल इस बदहाली में है कि वहां पर ना डाक्टर है ना कोई है। वहां पर आज उस बिल्डिंग में कुत्ते के बच्चे पैदा हो रहे हैं। मैं बदहाली और नाकामी की तरफ इशारा कर रहा हूं। उसको तूल देना ये बीजेपी (BJP) की नाकामी है।

जमीन बेचने के झगड़े में वृद्ध पिता की प्रेमिका संग हत्‍या, 5 गिरफ्तार

Somnath Bharti बोले सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा 

सोमनाथ भारती (Somnath Bharti) ने रायबरेली मामले पर सफाई देते हुए कहा कि, क्योंकि जब मैं निकल रहा हूं अपने कमरे से और वो (रायबरेली पुलिस) रोकना चाहते हैं और मैं पूछ रहा हूं कारण क्या है? सीआरपीसी में, आईपीसी में, कन्सिट्युशन आफ इंडिया में दिखाए कहां लिखा है कि, आप मुझे इस तरह से रोक सकते हैं। कोई आर्डर हो, कोई जज साहब का आर्डर हो, कोई बड़े अधिकारी का आर्डर हो, आपने 144 लगा रखा हो, मेरे ऊपर कोई मुकदमा हो बताईए। वो पूर्णतः मूक रहे और काफी देर तक मुझे गाड़ी के दरवाजे पर रोककर खड़े रहे और बोलते रहे आपको जाने नही देंगे।

लखनऊ नगर-निगम ने सपा सांसद आजम खान की बहन का घर किया सील।

भारती (Somnath Bharti) ने आगे कहा कि पुलिस अधिकारी हो या दूसरे अधिकारी हों ड्यूटी है की संवैधानिक तरीके से ही वो मेरा मूवमेंट रोक सकते हैं। आपने मेरा मूवमेंट रोका और बाद में जो घटना बाहर आई कि एक व्यक्ति आता है, इतने पुलिस बल के बाद वो हिम्मत दिखा पाता है कि उसने मेरे ऊपर स्याही फेंका। स्याही फेकने के बाद मैंने उनको कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक जाएगा। चूंकि आधा स्टेटमेंट दे रहे हैं। केवल ये कहा गया की मैंने कहा है जो आपकी नौकरी है वो जाएगी। जो आपने काम किया है गैर जिम्मेदाराना। उन्होंने अपने आपसे अपने को क्लीनचिट दी कहा, ‘मैंने कोई गलत बात नही कही, अगर आप मेरे संवैधानिक अधिकारों का हनन करेंगे इंलीगल रुप में तो हम भी उस मामले को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में उठाने की बात करेंगे।’

Lucknow: घर से भागी चार लड़कियों का पुलिस ने किया रेस्क्यू, बैग में मिली स्कूल ड्रेस

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Lucknow: नाका थाने के थाना प्रभारी मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि सोमवार देर रात राजेन्द्र नगर क्षेत्र के अंतर्गत चौकी प्रभारी संजय गिरी द्वारा गस्त के दौरान 2 नाबालिक लड़कियां घूमती हुई पाई गईं। जब उनसे देर रात अकेले में घूमने का कारण पूछा गया तो दोनों पुलिसकर्मियों को बरगलाने की कोशिश करने लगीं। पुलिस टीम द्वारा सख्ती दिखाने पर किशोरियों ने बताया कि वे दोनों रविवार रात घर में हो रहे क्लेश से तंग होकर बस के जरिए लखनऊ (Lucknow) भाग आई थी। इतनी जानकारी के बाद दोनों किशोरियों को कृष्णानगर स्थित आशा ज्योति केंद्र में दाखिल किया गया और वहीं से किशोरियों के परिवारजनों को सूचना दी गई। मंगलवार सुबह किशोरियों के पिता गाजियाबाद पुलिस टीम के साथ लखनऊ (Lucknow) आए। यहां पर कागजी कार्रवाई के बाद दोनों किशोरियों को पिता को सौंप दिया गया।

उद्योगों को सस्ते दर पर मिलेगी जमीन, खेती की जमीन के औद्योगिक भू-उपयोग में बदलने का शुल्क 15% घटाया गया।

अन्य दो किशोरियां घर से स्कूल जाने की बात कहकर लखनऊ घूमने आईं 

थाना प्रभारी ने बताया कि सोमवार देर शाम जौनपुर की रहने वाली 2 अन्य नाबालिक लड़कियों का भी रेस्क्यू किया गया। देर शाम एक ऑटों वाले ने दो नाबालिक लड़कियों पर घर से भागने का संदेश जताते हुए पुलिस को सूचना दी। ऑटो वाले की निशानदेही पर पहुंची पुलिस टीम की तरफ से की गई पूछताछ में दोनों लड़कियों ने घर से परेशान होकर लखनऊ (Lucknow) आने की बात बताई। दोनों किशोरियों के बैग में उनकी स्कूल ड्रेस भी पाई गई, जिस पर उन्होंने बताया कि वे दोनों सुबह स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थी। थाना प्रभारी के मुताबिक, जौनपुर की दोनों लड़कियों को भी आशा ज्योति केंद्र में दाखिल करने के बाद उनके परिवार को सूचना दे दी गई है। नाबालिग लड़कियों के माता-पिता के आने के बाद उन्हें सौंप दिया जाएगा।

Agra: अराजक तत्वों ने आगरा के SN Medical College में जमकर की तोड़फोड़

Agra: ताजनगरी आगरा (Agra) के एसएन मेडिकल कॉलेज (SN Medical College) में सोमवार देर रात अराजक तत्वों ने जमकर तोड़फोड़ की. एसएन मेडिकल कॉलेज (SN Medical College) की एक दीवार ढहा दी गई है, जबकि गेट उखाड़ कर फेंक दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, सोमवार देर रात इस घटना को अंजाम दिया गया. मंगलवार सुबह 8:00 बजे के बाद जब मेडिकल कॉलेज प्रशासन मौके पर पहुंचा तो हालात देख हैरान रह गया. एसएन मेडिकल कॉलेज (SN Medical College) प्रशासन की तरफ से मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है. कॉलेज में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज (SN Medical College) में फार्मेसी विभाग के सामने कुछ दिनों पहले एक नई दीवार बनाई गई थी. साथ ही एक नया गेट भी लगाया गया था जिसे बंद रखा गया था. इस दीवार पर पीछे बस्ती में रहने वाले कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी. निर्माण के दौरान कोई खास प्रतिक्रिया सामने नहीं आई लेकिन जब निर्माण पूरा हो गया तो बीती रात अचानक अराजक तत्वों ने मेडिकल कॉलेज की दीवार को धराशाई कर दिया. इसके अलावा जो नया गेट लगाया गया था उसे उखाड़कर कुछ दूरी पर फेंक दिया. मेडिकल प्रशासन की सूचना के बाद मौके पर सीओ कोतवाली,  एसडीएम और एमएम गेट थाने की पुलिस पहुंची.

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अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज (SN Medical College) के प्रिंसिपल डॉ. संजय काला के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना के संबंध में पूरी जानकारी एकत्र की. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा. तोड़फोड़ को लेकर मौके पर एसएन मेडिकल कॉलेज (SN Medical College) के दर्जनों डॉक्टर भी पहुंच गए थे. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय काला ने कहा कि तोड़फोड़ अराजक तत्वों ने की है. इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत दर्ज करा दी है.

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज (SN Medical College) में बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्डों की तैनाती रहती है. यह तैनाती विभाग के द्वारा कराई गई है. अब सवाल यह उठता है कि जब एसएन मेडिकल कॉलेज की दीवार ढहाई गई और गेट गिराया गया तब सुरक्षा में लगे गार्ड क्या कर रहे थे?  घटनास्थल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ऑफिस से 25  कदम की दूरी पर है. इसके बावजूद अराजक तत्वों ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया. आगरा के पुलिस अधिकारियों का कहना है बहुत जल्द इस मामले में दोषियों को पकड़ लिया जाएगा.

दिल्‍ली में Petrol की कीमतें 85 रुपये के पार, Diesel भी रिकॉर्ड ऊंचाई के नजदीक

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New Delhi: Petrol and diesel prices: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने लगातार दूसरे दिन डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी (increase Petrol and diesel prices) की, इससे राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को पेट्रोल (Petrol) की कीमत पहली बार 85 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गई जबकि डीजल (Diesel) रिकॉर्ड ऊंचाई के नजदीक पहुंच गया.

Petrol-Diesel की क़ीमत मैं बढ़ोतरी

तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 25 पैसे की बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही पेट्रोल की कीमत दिल्ली में 85.20 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 91.80 रुपये प्रति लीटर हो गई.

दिसंबर में Diesel की बिक्री गिरी, ट्रांसपोर्ट और कृषि सेक्टर में धीमी रफ्तार के संकेत

ताजा बदलावों के बाद डीजल की कीमत दिल्ली में 75.38 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 82.13 रुपये प्रति लीटर है. पेट्रोल और डीजल (Petrol and diesel) की कीमत में सोमवार को भी 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी. मुंबई में पेट्रोल और डीजल (Petrol and diesel) की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं, जबकि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत पहली बार 85 रुपये प्रति लीटर के पार हुई है. दिल्ली में डीजल चार अक्टूबर 2018 को 75.45 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर था. 

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने छह जनवरी को लगभग एक महीने बाद कीमतों की दैनिक समीक्षा शुरू की थी. तब से पेट्रोल के दाम में 1.49 रुपये और डीजल में 1.51 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है.

Meerut: पूरे जोन में हाई अलर्ट, हर मूवमेंट पर रखी जा रही है नजर

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Meerut: गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर खुफिया एजेंसियों की तरफ से मिले इनपुट के बाद मेरठ (Meerut) समेत पूरे जोन में हाई अलर्ट कर दिया गया है. सुरक्षा व्यवस्था चुस्त और दुरुस्त रहे इसे लेकर मेरठ पुलिस (Meerut Police) पूरी तरह से अलर्ट मोड में है. यही वजह है कि लगभग 250 जगह सीसीटीवी कैमरे लगाकर इलाकों की निगरानी की जा रही है. इतना ही नहीं चौराहों और सड़कों पर पुलिस टीम वाहन चेकिंग कर अराजक तत्वों पर भी नजर रख रही है.

UP: दुष्कर्म का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाला गिरफ्तार

गणतंत्र दिवस को देखते हुए मेरठ (Meerut) में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है. पुलिस टीम हर सड़क और चौराहे पर तैनात है. वाहनों की चेकिंग भी की जा रही है. हर आने-जाने वाले वाहनों को रोका जा रहा है. अगर किसी के पास बाइक है तो उसकी तलाशी भी ली जा रही है. पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद ही पुलिस की तरफ से लोगों को जाने दिया जा रहा है.

दिल्ली में रात के वक्त घूम रहे हैं ऑटो वाले लुटेरे

मेरठ एसपी सिटी अखिलेश नारायण ने बताया पूरे मेरठ (Meerut) को कई जोन और सेक्टर में बांटा गया है. साथ ही संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में भारी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात की गई है जो हर मूवमेंट पर नजर रख रही है. समय-समय पर औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा भी लिया जा रहा है. इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और साइबर कैफे पर प्रशासन की विशेष नजर है.

लकी ड्रा के नाम पर 2.25 करोड़ का चूना लगाने वाले बाप-बेटे गिरफ्तार

भीड़भाड़ वाले इलाकों या फिर सूनसान इलाके में सादी वर्दी में भी पुलिस फोर्स तैनात की गई है. हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है. पुलिस की कई टीमें वाहनों पर अलर्ट मोड पर रहती हैं जिससे सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर तत्काल कार्रवाई की जा सके.

मेरठ में अधिकारियों की मानें तो सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद है और अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं. इतना ही नहीं मेरठ (Meerut) से लगी अन्य जिलों की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है.

Ragini Dwivedi: सैंडलवुड ड्रग्स मामले में फिलहाल एक्ट्रेस को SC से राहत नहीं

New Delhi: कर्नाटक के ड्रग्स पेडलिंग के मामले में गिरफ्तार कन्नड़ अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी (Ragini Dwivedi) की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 21 जनवरी तक के लिए टल गई है. दरअसल, मामले की बात करें तो सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने कन्नड़ फिल्मोद्योग में मादक पदार्थों के इस्तेमाल के मामले में अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी (Ragini Dwivedi) को अरेस्ट किया था. रागिनी पर इनका कारोबार करने वाले से संपर्कों के आरोप लगे हैं.

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बता दें इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने 2 नवंबर को रागिनी द्विवेदी (Ragini Dwivedi) और संजना गलरानी (Sanjjanna Galrani) की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.  रागिनी और संजना दोनों को सितंबर में सैंडलवुड की पार्टियों में ड्रग्स सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. संजना गलरानी 8 सितंबर से और रागिनी 4 सितंबर से न्यायिक हिरासत में हैं. 

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कई धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ 

इन दोनों पर आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है,  जिनमें आपराधिक साजिश 120बी के अलावा एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 21, 21सी, 27ए, 27बी और 29 भी शामिल हैं . कर्नाटक हाईकोर्ट से पहले विशेष अदालत ने भी 28 सितंबर को रागिनी द्विवेदी (Ragini Dwivedi) और संजना गलरानी की याचिका को खारिज किया था.  

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 संजना ने अस्पताल में किया था तमाशा

बता दें कि रागिनी (Ragini Dwivedi) के बाद गिरफ्तार की गई अभिनेत्री संजना गलरानी (Sanjjanna Galrani) ने अस्पताल में तब तमाशा खड़ा कर दिया था जब उन्हें रागिनी के साथ डोप टेस्ट के लिए अस्पताल ले जाया गया था. वो नहीं चाहती थीं कि उनकी जांच हो. उन्होंने पुलिस पर ही धोखे से गिरफ्तार करने का आरोप लगा दिया था.  संजना गलरानी ने उस समय कहा था कि मेरे लॉयर ने मुझसे कहा है कि मैं कोई टेस्ट न दूं, किसी बात से इनकार कर देना मेरा संवैधानिक हक है, आप मुझे बकरा बनाकर यहां तक ले आये और अब मुझे ये सब करने को कह रहे हैं. संजना गलरानी डोप टेस्ट के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी. इस टेस्ट के ज़रिए पता किया जाता है कि शरीर में ड्रग्स की मात्रा कितनी है और कौन सा नशीला पदार्थ का इस्तेमाल किया गया है. 

Suicide: युवक और युवती ने लगाई फांसी, पेड़ से लटके मिले शव

Unnao: उत्तर प्रदेश (UP) के उन्नाव जिले में एक ही खानदान के युवक और युवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में आम के बाग में पेड़ से लटककर फांसी (Suicide) लगा ली. दोनों के शव बाग में पेड़ से लटकते मिले जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. सुबह ग्रामीणों ने दोनों के शवों को पेड़ से लटका हुआ देखा और तत्काल पुलिस और परिजनों को इसकी सूचना दी. सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पेड़ से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है.

बहन से बदसलूकी का विरोध कर रहे भाई की हत्या, बदमाश गिरफ्तार

फांसी लगाकर दी जान

उन्नाव के पुरवा कोतवाली अंतर्गत आने वाले मोहल्ला पश्चिम टोला निवासी 20 वर्षीय पिंकू पुत्र मुन्नीलाल और 18 वर्षीय ज्योतिमा पुत्री पन्नालाल ने पास में ही स्थित एक बाग में फांसी लगाकर (Suicide) जान दे दी. दोनों की फांसी लगाने की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. स्थानीय लोगों ने पुलिस और परिजनों को घटना की सूचना दी. जिसके बाद दोनों परिवारों के लोग मौके पर पहुंचे.

चाची ने रची भतीजे के हत्या की साजिश, भतीजे के अलावा नौकर से भी था संबंध।

परिवार में कोहराम

सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को फंदे से उतरवाकर जांच पड़ताल शुरू कर दी. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. परिजन रंजीत ने बताया की लड़के और लड़की में पहले से संबंध था, दोनों फरार हो गए थे. सोमवार सुबह दोनों शव लटके हुए मिले हैं. इस घटना के बाद दोनों के परिवार में कोहराम मच गया है.

Beijing: Ice cream में निकला कोरोना का वायरस, मचा हड़कंप

Beijing: कोरोना वायरस (Corona Virus) महामारी ने पूरी दुनिया में कहर मचा रखा है। पूरी दुनिया में 9 करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। कोरोना की वैक्सीन आने के बाद महामारी से निजात मिलने की उम्मीद जगी है लेकिन इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया कि चीन में हड़कंप मच गया। गौरतलब है कि चीन में पहला मामला सामने आने के बाद से वायरस से जुड़े नए-नए खुलासे होने से वैज्ञानिक भी हैरान हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब उत्तरी चीन के तियानजिन शहर में आइसक्रीम (Ice Cream) में कोरोना वायरस मिला है।

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 स्थानीय बाजार में पहुंच गए थे आइसक्रीम पैकेट

चाइना डेली की रिपोर्ट के मुताबिक Tianjin Daqiaodao फूड कंपनी को 4,836 बॉक्स के संक्रमित होने की जानकारी मिली। इसमें से 2,089 स्टोरेज में सील पड़े हैं, पर चिंता की बात यह है कि 1812 बॉक्स को दूसरे राज्यों में भेज दिया गया था और 935 आइसक्रीम (Ice Cream) पैकेट स्थानीय बाजार में भी पहुंच गए थे। गनीमत यह रही कि कि इनमें से केवल 65 आइसक्रीम (Ice Cream) के पैकेट ही बिके थे।

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आइसक्रीम का पॉजिटिव टेस्ट इंसान के संपर्क के कारण हो सकता है

इस बीच एंटी-एपिडेमिक अधिकारी कंपनी के उत्पादों को सील करने की कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं। एक वायरोलॉजिस्ट ने बताया कि आइसक्रीम का पॉजिटिव टेस्ट इंसान के संपर्क के कारण और एकबारगी हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर स्टीफेन ग्रिफिन ने स्काई न्यूज को बताया कि पैनिक होने की कोई बात नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी के 1,600 से ज्यादा कर्मचारियों को क्ववारंटीन किया गया।

 बढ़ते मामलों के चलते चीन के कई प्रांतों में पाबंदी बढ़ाई गई।

कच्चे माल को विदेश से मँगाया गया था

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कंपनी ने विदेश से मंगाए गए कच्चे माल का इस्तेमाल करके आइसक्रीम (Ice Cream) का उत्पादन किया है। मिल्क पाउडर न्यूजीलैंड और वे पाउडर यूक्रेन से आयात किया गया था। डॉक्टर ग्रिफिन ने आगे कहा कि आइसक्रीम (Ice Cream) को कोल्ड टेंपरेचर पर रखा जाता है और इसमें वायरस के जीवित रहने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस बात को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है कि आइसक्रीम (Ice Cream) भी अब कोरोना से संक्रमित होने जा रही है।

AAP: केंद्र सरकार कोविड-19 वैक्सीन को लेकर आम लोगों में भरोसा बढ़ाए

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New Delhi:  आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्र सरकार को कोविड-19 वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) को लेकर आम लोगों का भरोसा बढ़ाना चाहिए. AAP प्रवक्ता ने  कहा कि “वैक्सीन से जुड़े तकनीकी लोगों और स्वास्थ्य मंत्रालय को पब्लिक के सामने आकर जानकारी देनी चाहिए. स्वास्थ्य मंत्रालय को लोगों के जहन में उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए ताकि लोगों का भरोसा बढ़े. भरोसा बढ़ेगा तभी लोग वैक्सीन लगवाने आएंगे. अगर भरोसा कम रहेगा तो वैक्सीन कम लगवाएंगे.” 

पहले दिन 1.65 लाख लोगों को लगाया गया कोरोना का टीका

आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता ने कहा है कि केंद्र सरकार को कम होते कॉन्फिडेंस को बढ़ाने पर फोकस करना चाहिए. 

Corona Vaccination के बावजूद 2021 में ‘हर्ड इम्यूनिटी’ बनने की संभावना कम 

सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि “…सरकार को कॉन्फिडेंस बिल्डिंग पर काम करना चाहिए. वैक्सीन ऐसी चीज है जो लोग भाग भागकर लगवाना चाहते थे. जब वैक्सीन नहीं आई थी तब लोग हमें व्हाट्सऐप पर और फोन करके पूछ रहे थे कि वैक्सीन कब आएगी.” 

Britain: 70 साल से अधिक उम्र के लोगों को भी लगेगा कोरोना का टीका

London: ब्रिटेन (Britain) में अब 70 साल और उससे ज्यादा उम्र तथा कोविड-19 (Covid-19) से ज्यादा जोखिम का सामना कर रहे समूह के लोगों को भी टीके (Covid-19 Vaccine) लगाने का निर्णय लिया गया है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) ने सोमवार को प्राथमिकता दिए जाने वाले समूहों का विस्तार किया. इससे पहले टीकाकरण व प्रतिरक्षण संबंधी संयुक्त समिति ने दो समूहों के लोगों को टीका देने की सिफारिश की थी और इसी पर काम करते हुए एनएचएस 80 साल और इससे ज्यादा उम्र के लोगों और स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मचारियों को टीका लगाने के काम में जुटा हुआ था. 

 ब्रिटेन में मामले तेजी से बढ़े हैं। फरवरी के मध्य तक स्टे-ऑन-होम लॉकडाउन लगा

इस समूह के लोगों को टीका  (Covid-19 Vaccine) लगाना अब भी प्राथमिकता है लेकिन वैसे टीकाकरण स्थल जहां इस समूह से ज्यादा लोगों को भी टीका लगाने की क्षमता है और वहां आपूर्ति भी है तो नए समूह के लोगों को टीकाकरण में शामिल किया जा सकता है.

UK में मिला Coronavirus का नया स्ट्रेन हो सकता है 70% ज्यादा संक्रामक

 ब्रिटेन (Britain) के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (PM Boris Johnson) ने कहा, ‘‘आज (सोमवार) हमारे टीकाकरण  (Covid-19 Vaccine) अभियान का अहम दिन है क्योंकि हम अब उन लाखों लोगों के लिए भी टीकाकरण अभियान शुरू कर रहे हैं, जो कोविड-19 के लिहाज से ज्यादा जोखिम वाले दायरे में हैं.” 

जर्मनी में नवंबर से है कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन।

उन्होंने कहा, ‘‘ अब हम एक मिनट में 140 टीके लगा रहे हैं और मैं इस राष्ट्रीय कोशिश में शामिल सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. हमें अभी काफी दूर जाना है और आगे काफी चुनौतियां हैं लेकिन साथ काम करके हम कोरोना वायरस (Corona Virus) के खिलाफ लड़ाई में आगे बढ़ रहे हैं.”

Farm Laws: अधिकांश किसान और विशेषज्ञ कृषि कानूनों के पक्ष में हैं, कृषि मंत्री तोमर

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New Delhi: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का 19 जनवरी की बैठक से पहले बयान सामने आया है। तोमर ने कहा, अधिकांश किसान और विशेषज्ञ कृषि कानूनों (Farm Laws) के पक्ष में हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, कानूनों (Farm Laws) को लागू नहीं किया जा सकता है। अब हम उम्मीद करते हैं कि किसान 19 जनवरी को कानून पर क्लॉज वाइज चर्चा करेंगे और सरकार को बताएंगे कि वे कानूनों को निरस्त करने के अलावा क्या चाहते हैं?

भारी संख्या में किसान कर रहे हैं कृषि कानूनों का समर्थन, बीजेपी सांसद

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर दिल्ली की बॉर्डर पर डटे किसानों के आंदोलन (Farmers Protest) का आज आज 53वां दिन है। इसी बीच किसान संगठनों ने NIA के समन भेजे जाने की निंदा की है। किसान संगठनों का कहना है कि केंद्र सरकार अत्याचार कर रही है। उसने किसानों का दमन शुरू कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री NIA मामले में देखने की बात कही थी। उनके आश्वासन के बाद भी NIA ने समन भेजा।

किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा को NIA का समन

इससे पहले कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था, सरकार किसानों के खिलाफ NIA का इस्तेमाल कर रही है। NIA, ED, IT को बीजेपी ने अपना मुखौटा संगठन बना दिया है। खेदजनक बात ये है किसान बीजेपी के लिए आतंकवादी, एंटी नेशनल, पाकिस्तानी, चीनी और अर्बन नक्सल हो गए हैं, लेकिन किसान सरकार के सामने नहीं झुकेंगे। सीबीआई और ईडी नोटिस से किसान चुप नहीं बैठने वाले हैं। 

NIA के जरिए हमें डराने-धमकाने की कोशिश हो रही है

उधर, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की ओर से गठित कमेटी के सामने नहीं जाएंगे और सरकार को कृषि कानून (Farm Laws) वापस लेना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) जारी रहेगा। एक अन्य किसान नेता ने कहा, तीनों कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ हम 26 जनवरी को दिल्ली के अंदर परेड करेंगे। दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर परेड की जाएगी। किसान शांतिपूर्ण ढंग से परेड करेंगे, उम्मीद है कि दिल्ली, हरियाणा पुलिस रोक नहीं लगाएगी।

बातचीत से पहले किसानों का शक्ति प्रदर्शन

बता दें कि किसान और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत होने के बाद भी ये मसला अब तक नहीं सुलझ पाया है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर दायर याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए चार सदस्यीय कमेटी के गठन किया था। इसमें कोर्ट ने अशोक गुलाटी, प्रमोद कुमार जोशी, अनिल घनवंत और भूपेंद्र सिंह मान को शामिल किया था। हालांकि किसानों के विरोध के चलते भूपेंद्र सिंह मान ने अपना नाम वापस ले लिया। किसानों का कहना था कि कमेटी के चारों सदस्य पहले से ही कृषि कानूनों (Farm Laws) के समर्थन में है।

Supreme Court: किसानों की ट्रैक्टर रैली के खिलाफ अर्ज़ी पर कल सुनवाई

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New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर किसान संगठनों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रेली के खिलाफ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई होगी। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने अर्ज़ी दाखिल कर कहा है कि गणतंत्र दिवस परेड राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा कार्यक्रम है। आंदोलन (Farmers Protest) के नाम पर देश की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी की इजाज़त नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से दिल्ली पुलिस ने इस रैली पर रोक लगाने की मांग की है। कोर्ट ने इस अर्ज़ी पर किसान संगठनों को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है।

Farmers Protest With Tractor March: बातचीत से पहले किसानों का शक्ति प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पिछले हफ्ते हुई सुनवाई में किसान आंदोलन (Farmers Protest) में संदिग्ध संगठनों की सक्रियता पर भी संज्ञान लिया था। एक अर्ज़ी में कोर्ट को बताया गया था कि आंदोलन में कनाडा के संगठन ‘सिख फ़ॉर जस्टिस’ के बैनर लहरा रहे हैं। इस बात की आशंका है कि अलग खालिस्तान का समर्थक यह संगठन आंदोलन के लिए फंड उपलब्ध करवा रहा है। कई देश विरोधी घटनाओं में संदिग्ध PFI भी आंदोलन को भड़काने में लगा है। चीफ जस्टिस एस ए बोबड़े की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस बात को गंभीर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र से जवाब दाखिल करने को कहा था। सुनवाई में इसकी भी चर्चा होगी।

सरकार-किसान संगठनों के बीच 9वें राउंड की बातचीत भी बेनतीजा

बता दें कि पिछले 53 दिनों से दिल्ली से लगी सीमाओं पर किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) जारी है। किसान और सरकार के बीच अब तक नौ दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकल पाया। किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वो वापस नहीं जाएंगे। स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने रविवार को कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन किसान दिल्ली में ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) निकालेंगे। इस दौरान सभी ट्रैक्टरों पर तिरंगा लगा होगा। साथ ही वो आउटर रिंग रोड पर मार्च करेंगे। इसके लिए हजारों ट्रैक्टरों को तैयार किया जा रहा है। योगेंद्र यादव ने साफ किया कि ये रैली राजपथ से बहुत दूर होगी, ऐसे में आधिकारिक गणतंत्र दिवस समारोह में कोई व्यवधान पैदा नहीं होगा।

Farm Laws: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई सोमवार को, 19 जनवरी को होगी समिति की बैठक

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New Delhi: शीर्ष अदालत (Supreme Court) तीन विवादास्पद कृषि कानूनों (Farms Law) और दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान प्रदर्शनों संबंधी याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत गतिरोध को समाप्त करने के लिए बनाई गई समिति के एक सदस्य के स्वयं को अलग कर लेने के मामले पर भी गौर कर सकती है। 

वहीं अदालत दिल्ली पुलिस द्वारा दायर की गई केंद्र सरकार की उस याचिका पर भी सुनवाई करेगी, जिसमें 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर प्रस्तावित ट्रैक्टर या ट्रॉली मार्च या किसी अन्य तरह के प्रदर्शन पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।

Farmers Protest With Tractor March: बातचीत से पहले किसानों का शक्ति प्रदर्शन

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबड़े की अगुवाई में न्यायालय की एक पीठ ने एक अंतरिम आदेश में अगले आदेश तक नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी और शिकायतों को सुनने तथा गतिरोध के समाधान पर अनुशंसा करने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। 

समिति की बैठक 19 जनवरी को  

नए कृषि कानूनों (Farm Laws) पर उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति के यहां पूसा परिसर में 19 जनवरी को अपनी पहली बैठक करने का कार्यक्रम है। समिति के सदस्यों में शामिल अनिल घनवट ने रविवार को यह जानकारी दी। 

सरकार-किसान संगठनों के बीच 9वें राउंड की बातचीत भी बेनतीजा

शीर्ष न्यायालय (Supreme Court) ने केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों (Farm Laws) के क्रियान्वयन पर 11 जनवरी को अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी थी। साथ ही, न्यायालय ने गतिरोध का हल निकालने के लिए चार सदस्यीय एक समिति भी नियुक्त की थी। हालांकि, भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान पिछले हफ्ते समिति से अलग हो गए थे। 

On Farm Laws Hearing in Supreme Court on Monday and Committee meeting on January 19
समिति से भूपेंद्र सिंह मान ने खुद को अलग किया

SC द्वारा बनाई गयी समिति से भूपेंद्र सिंह मान ने खुद को अलग किया

बता दें कि नए कृषि कानूनों (Farm Laws)  के खिलाफ किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले करीब 53 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। घनवट के अलावा, कृषि-अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी और प्रमोद कुमार जोशी समिति के दो अन्य सदस्य हैं। शेतकारी संगठन (महाराष्ट्र) के प्रमुख घनवट ने कहा कि हम लोग पूसा परिसर में 19 जनवरी को बैठक कर रहे हैं। भविष्य की रणनीति पर फैसला करने के लिए सिर्फ सदस्य ही बैठक में शामिल होंगे।

Farm Laws: NIA के जरिए हमें डराने-धमकाने की कोशिश हो रही है

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New Delhi: किसान नेताओं ने कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने कहा कि पंजाब और दूसरी जगह में एनआईए (NIA) ने कुछ केस बनाने शुरू किए है। एनआईए (NIA) हमारी मदद करने वालों पर राजद्रोह का केस बना रही है। उन्होनें कहा कि सरकार के साथ बैठक में हमें सबसे पहले ये बात रखी थी। तब तोमर जी ने वादा किया था की हम संज्ञान लेंगे। आज संयुक्त किसान मोर्चा इस मामले की निंदा करता है। हम हर तरह से इसका मुकाबला करेंगे।

किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा को NIA का समन

स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि किसान मार्च का आयोजन 26 जनवरी को दिल्ली के अंदर होगा। आऊटर रिंग रोड़ पर दिल्ली की परिक्रम करके ये मार्च किया जाएगा। हम आशा करते है दिल्ली और हरियाणा की पुलिस इसमें कोई बाधा ना करे। उन्होनें कहा कि यह परेड शांति पुण रहेगी, किसी प्रकार का हथियार और भडकाऊ भाषण नही होगें। योगेंद्र यादव ने कहा कि गणतंत्र दिवस की परेड पर कोई विघन नही डाला जाएगा। योगेंद्र यादव ने कहा कि किसी चीज पर कब्जा नही किया जाएगा। लाल किला, संसद भवन पर कब्जे करने की जो बात हो रही है ऐसा कुछ नही होने वाला है। 

Farmers Protest With Tractor March: बातचीत से पहले किसानों का शक्ति प्रदर्शन

किसान नेता ने कहा कि 19 जनवरी को सरकार से साथ बैठक पर कृषि मंत्री का बयान बता रहा है की देश के किसान इस कानून (Farm Laws) से खुश है। जो सरकार की मंशा बताता है। हम 19 को जवाब लेने जरूर जायेंगे। ऐसा बिल्कुल नही लगने देंगे की किसान बातचीत के लिए तैयार नही है।

किसान यूनियनों के नेता केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) कानून2020, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार कानून 2020और आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून 2020 को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग कर रहे हैं।

Farmers Protest: भारी संख्या में किसान कर रहे हैं कृषि कानूनों का समर्थन, बीजेपी सांसद

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Ballia: उत्तर प्रदेश (UP) के बलिया (Ballia) में बीजेपी सांसद एवं भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह मस्त ने किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर कहा कि देश और दुनिया में जितने भी किसान आंदोलन (Farmers Protest) हुए हैं उसका चुनावी राजनीति से कोई सरोकार नहीं है. उन्होंने कहा कि एक किसान होने के नाते ”मैं कह सकता हूं कि ये जो किसान कानून बना है उसका भारी संख्या में किसानों का समर्थन है. ये पूरे देश के किसानों का आंदोलन नहीं है. किसान आंदोलन (Farmers Protest) के नाम पर बिहार के चुनाव में मिली हार के बाद बंगाल के चुनाव का रिहर्सल है.”

BJP विधायक बोले- दिल्ली में किसान नहीं, खालिस्तान व पाकिस्तान जिंदाबाद वाले बैठे हैं

बता दें हाल ही में बीजेपी सांसद ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि ”कुछ हरामखोरों ने किसानों के मन में शंका पैदा कर दी है. वे आंदोलन (Farmers Protest) करने वाले किसानों को भड़का रहे हैं. किसान कल्याण मिशन के अंतर्गत गाजीपुर जिले के भांवरकोल ब्लॉक मुख्यालय और बाराचवर स्थित रामलीला मैदान में बुधवार को कृषि विभाग की ओर से किसान मेला, गोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था. इसमें सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि था कि ”किसान आंदोलन (Farmers Protest) कर रहे हैं और कुछ हरामखोरों ने किसानों के मन में शंका पैदा कर दी है, इससे किसान चिंतित हैं.”

बीजेपी ने नए कृषि कानूनों के पक्ष में माहौल बनाने की व्यापक प्लानिंग की

वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा ये भी कहा था कि ”20 हजार लोग मिलकर कानून बदलने की बात कर रहे हैं. इन लोगों को कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका पर भरोसा नहीं है. ये लोग लोकतंत्र की बात कर रहे हैं.”

Farmers Protest: किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा को NIA का समन

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New Delhi: किसान आंदोलन (Farmers Protest) का आज (16 जनवरी) 52वां दिन है। 26 नवंबर से किसान कड़कड़ती ठंड में कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। इस दौरान लगभग 60 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं। सरकार और किसानों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। सरकार अपनी जिद्द पर अड़ी और किसान भी मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में सरकार पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। 

किसानों ने लोहड़ी पर्व पर नये कानूनों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया।

दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा को 17 जनवरी को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में पेश होने को कहा है। इसके बाद सिरसा ने कहा कि किसानों का समर्थन करने की कीमत चुका रहा हूं। सरकार विरोध को दबाने के लिए मेरी बोली लगा रही है। इसलिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। 

26 जनवरी को बड़े आंदोलन की तैयारी में किसान, पंजाब में हजारों वॉलंटियर जुड़े

उधर, एनआईए (NIA) का कहना है कि सिरसा से ‘सिख फॉर जस्टिस’ के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ दर्ज मामले से संबंधित पूछताछ करनी है। पन्नू पर ‘भय और अराजकता का माहौल बनाकर लोगों में असंतोष पैदा कर उन्हें भारत सरकार के खिलाफ विद्रोह के लिए उकसाने’ का आरोप है।

वहीं, सिरसा ने इस समन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार किसान आंदोलन (Farmers Protest) को पटरी से उतारने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के जरिये आंदोलन (Farmers Protest) को कमजोर करने की कोशिश की और अब यह एनआईए (NIA) का सहारा ले रही है। इससे पहले मंगलवार को अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सरकार को जानकारी मिली है कि किसान आंदोलनों (Farmers Protest) में खालिस्तान समर्थित लोग घुसे हुए हैं। हालांकि, किसानों की मौत पर सरकार ने चुप्पी साधी हुई है। 

BJP विधायक बोले- दिल्ली में किसान नहीं, खालिस्तान व पाकिस्तान जिंदाबाद वाले बैठे हैं

सिरसा ने आगे कहा, “हमें इससे फर्क नहीं पड़ता। हम झुकेंगे नहीं। NIA दिन रात काम कर 26 जनवरी को होने वाली किसान परेड रोकने की कोशिश कर रही है। वहीं सरकार इस आंदोलन (Farmers Protest) को बदनाम करने पर अड़ी हुई है।”

देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन (Farmers Protest) शनिवार को 52वें दिन जारी है। कृषि सुधार पर तकरार के बीच आंदोलन की राह पकड़े किसानों की अगुवाई करने वाले यूनियन और सरकार से नौ बार मिल चुके हैं, फिर भी मन नहीं मिला है। नये कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर किसानों के मन में पैदा हुई आशंकाओं का समाधान तलाशने के लिए किसान यूनियनों के नेताओं के साथ शुक्रवार को करीब पांच घंटे मंथन के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकलने पर सरकार को फिर मिलने की अगली तारीख तय करनी पड़ी। अब 19 जनवरी को फिर अगले दौर की वार्ता होगी।

बीजेपी ने नए कृषि कानूनों के पक्ष में माहौल बनाने की व्यापक प्लानिंग की

किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने शनिवार को कहा कि वह रविवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के समक्ष पेश नहीं हो पाएंगे, क्योंकि उनकी पोती की शादी है और इसी सिलसिले में वह सात फरवरी तक पारिवारिक कार्यों में व्यस्त रहेंगे।उन्होंने कहा कि उन्हें शॉर्ट नोटिस पर व्हाट्सएप (Whatsapp) पर नोटिस मिला है। सिरसा ने स्पष्ट किया कि एजेंसी की ओर से उन्हें तलब किए जाने से संबंधित कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है।

दरअसल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकी फंडिंग से जुड़े मामले में किसान संगठन के नेता बलदेव सिंह सिरसा को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसायटी (एलबीआईडब्ल्यूएस) के अध्यक्ष सिरसा का संगठन उन किसान संगठनों में शामिल है, जो केंद्र के साथ बातचीत में शामिल है।

सरकार-किसान संगठनों के बीच 9वें राउंड की बातचीत भी बेनतीजा

एनआईए (NIA) के समन के अनुसार, बलदेव सिंह सिरसा को 17 जनवरी को पूछताछ के लिए एजेंसी के सामने पेश होना है। यहां मीडिया से बात करते हुए सिरसा ने केंद्र सरकार पर विभिन्न तरीकों को अपनाकर किसानों के विरोध प्रदर्शन (Farmers Protest) को पटरी से उतारने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

UP: दुष्कर्म (Rape) का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाला गिरफ्तार

UP:  उत्तर प्रदेश (UP) के प्रतापगढ़ जिले के थाना लालगंज कोतवाली पुलिस में एक महिला अधिकारी ने शाहजहांपुर के एक आदमी के खिलाफ उसके साथ कथित दुष्कर्म (Rape) कर अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इसकी जानकारी देते हुये बताया कि आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

नाबालिग से जानकार ने दोस्तों के साथ मिलकर किया गैंगरेप

थाना प्रभारी और पुलिस निरीक्षक राम आधार ने बताया कि लालगंज तहसील में तैनात एक महिला अधिकारी ने बीते दो जनवरी को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि शाहजहांपुर जिले के बसंतपुर निवासी गुरविंदर सिंह कोचिंग के दौरान उनके साथ मारपीट एवं छेडछाड़ करता था और इस दौरान उसने अधिकारी का आपत्तिजनक वीडियो का फोटो तैयार कर कोचिंग में उसे दिखाया।

तीन साल की बच्ची के साथ गैंगरेप, तीनों आरोपी नाबालिग

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान उसकी नौकरी बरेली के एक बैंक में लग गयी और जब वह बरेली में रहती थी तो आरोपी वहां पहुंच कर उसके साथ जबरदस्ती (Rape) करता था। अधिकारी ने बताया कि इसी दौरान पीसीएस परीक्षा पास करने के बाद उसे 2017 में प्रतापगढ़ में तैनाती मिली।

दो सगी बहनों से मकान मालिक ने किया Rape

पुलिस निरीक्षक ने बताया कि महिला अधिकारी के अनुसार आरोपी यहां भी आफ़िसर्स कॉलोनी पहुंच कर उसे परेशान करता था। गत 18 दिसंबर 2020 को गुरविंदर सिंह अपने दो साथियों के साथ आफिसर्स कॉलोनी आया और जोर जबरदस्ती (Rape) का प्रयास किया। बाद में शोर मचाने के बाद वह सब भाग निकले। थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और विधिक कार्यवाही की जा रही है।