उत्तर प्रदेश के जनपद Sambhal में भारतीय न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन लाने वाले नए आपराधिक कानूनों — भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS 2023) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA 2023) — के प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता के उद्देश्य से एक विशेष “NCL जागरूकता अभियान 2.0” चलाया गया।
Sambhal के मिशन इंटरनेशनल एकेडमी में रेड क्रॉस सोसाइटी के सौजन्य से भव्य जादू शो का आयोजन
Sambhal में पुलिस का जागरूकता अभियान
यह अभियान पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देशन में सम्भल पुलिस टीम द्वारा जनपद के सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, कॉलेजों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान चौपाल लगाकर नागरिकों, छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को नए आपराधिक कानूनों के प्रमुख प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जागरूकता कार्यक्रम में विशेष रूप से ‘शून्य एफआईआर’ (Zero FIR), ई-एफआईआर (E-FIR), समयबद्ध न्याय प्रक्रिया, महिला एवं बाल संरक्षण, फोरेंसिक विज्ञान के प्रयोग, डिजिटल साक्ष्य की मान्यता, और पीड़ित-केंद्रित न्यायिक दृष्टिकोण जैसे नवाचारों पर चर्चा की गई।
अभियान का उद्देश्य नागरिकों, युवाओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इन नए न्यायिक प्रावधानों के लाभ, महत्व और व्यावहारिक उपयोगिता से परिचित कराना है। इन कानूनों ने औपनिवेशिक काल के पुराने आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को प्रतिस्थापित करते हुए आधुनिक, नागरिक-केंद्रित और तकनीकी रूप से सशक्त न्याय व्यवस्था की नींव रखी है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ये नए कानून न केवल न्याय की गति को तेज करेंगे, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास, पारदर्शिता और संवेदनशीलता को भी सुदृढ़ करेंगे। यह जागरूकता अभियान प्रत्येक नागरिक को सशक्त, जागरूक और जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Sambhal से खलील मलिक कि ख़ास रिपोर्ट
