परवाह अभियान: Sambhal में छात्रों को सिखाए गए यातायात नियम

जनपद Sambhal में सड़क सुरक्षा को लेकर “परवाह” डिजिटल रोड सेफ्टी अभियान के अंतर्गत सरस्वती बाल विद्या मंदिर में एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण कुमार बिश्नोई, क्षेत्राधिकारी यातायात तथा प्रभारी यातायात सम्भल के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। गोष्ठी में मुख्य आरक्षी श्री सचिन कुमार एवं मुख्य आरक्षी श्री विशांत कुमार द्वारा विद्यालय के बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई तथा सड़क सुरक्षा के महत्व पर बल दिया गया।

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Sambhal में बच्चों को मिला सुरक्षा का संदेश

कार्यक्रम में बच्चों को बताया गया कि वे देश का भविष्य हैं और सुरक्षित रहना उनकी जिम्मेदारी है। उन्हें समझाया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे वाहन न चलाएं और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना कानूनी अपराध है। दोपहिया वाहन पर हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य बताया गया। सड़क पर सदैव बाईं ओर चलने, नशे या नींद की स्थिति में वाहन न चलाने, तथा पैदल चलने वालों को फुटपाथ व ज़ेब्रा क्रॉसिंग का प्रयोग करने की सलाह दी गई।

Parvah Campaign: Traffic rules taught to students in Sambhal

Sambhal मुख्य आरक्षी सचिन कुमार ने तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति आगाह करते हुए बताया कि “तेज रफ्तार पास चलते राहगीर को हिला देती है, और यह छोटी सी भूल जानलेवा साबित हो सकती है।” बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे स्टंट ड्राइविंग जैसे खतरनाक कार्यों से दूर रहें और जब तक उनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस न हो, वे वाहन न चलाएं।

मुख्य आरक्षी विशांत कुमार ने ट्रैफिक लाइट्स (रेड, येलो, ग्रीन) और सड़क संकेतों की व्याख्या करते हुए बताया कि हाईवे पर इन संकेतों का सही उपयोग जीवन को सुरक्षित बना सकता है। बच्चों को यह भी प्रेरित किया गया कि वे अपने घर, मोहल्ले और गांव में जाकर अपने माता-पिता और अन्य लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें।

Parvah Campaign: Traffic rules taught to students in Sambhal

अंत में, बच्चों से यह संकल्प दिलवाया गया कि वे 18 वर्ष की आयु पूरी होने और लाइसेंस प्राप्त होने के बाद ही वाहन चलाएंगे तथा सदैव यातायात नियमों का पालन करेंगे।

Sambhal से खलील मलिक कि ख़ास रिपोर्ट

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