India कर रहा है AI का “Mahakumbh” आयोजित: केंद्रीय मंत्री Jitin Prasada

नई दिल्ली में आज से शुरू हुए पांच दिवसीय AI Impact Summit को केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता का “महाकुंभ” बताया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने कहा कि यह आयोजन भारत के लिए ऐतिहासिक अवसर है, जहां दुनिया भर के नेता, स्टार्टअप, नवोन्मेषक और शोधकर्ता एक मंच पर एकत्र हुए हैं।
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वैश्विक भागीदारी से बढ़ा महत्व
प्रसाद ने कहा कि इस समिट के परिणामों पर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की नजर है। उन्होंने इसे भारत की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रभाव वाले सम्मेलन की मेजबानी करना देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है। समिट में विभिन्न देशों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, विदेशी प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सदस्य भाग ले रहे हैं।
टेक जगत की बड़ी हस्तियां शामिल
सूत्रों के अनुसार, वैश्विक तकनीकी जगत के प्रमुख नाम जैसे सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन के साथ-साथ ब्राज़ील, फ्रांस सहित लगभग 20 देशों के नेता और करीब 100 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इससे यह स्पष्ट है कि एआई क्षेत्र में भारत की भूमिका को गंभीरता से लिया जा रहा है।
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चौथा वैश्विक AI Summit
यह समिट 16 से 20 फरवरी तक चलेगा और इससे पहले यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में ऐसे आयोजन हो चुके हैं। इस श्रृंखला में यह चौथा वैश्विक सम्मेलन है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य, नीति निर्माण और व्यावसायिक उपयोग पर केंद्रित है।
‘प्रयागराज के कुंभ’ से तुलना

जितिन प्रसाद ने समिट की तुलना प्रयागराज के कुंभ से करते हुए कहा कि जिस तरह कुंभ में दुनिया भर से लोग आध्यात्मिक संगम के लिए आते हैं, उसी तरह यह एआई का महाकुंभ है जहां तकनीक, नवाचार और विचारों का संगम हो रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह समिट उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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