West Bengal में सियासी घमासान तेज, ED रेड, CID नोटिस और TMC में बगावत से बढ़ी हलचल

West Bengal की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल मच गई है। राज्य में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी, CID की कार्रवाई, तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ती बगावत और विपक्ष के तीखे हमलों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। आने वाले दिनों में ये घटनाक्रम राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
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ED की कार्रवाई और BJP का हमला
बीजेपी की प्रदेश महासचिव लॉकेट चटर्जी ने दावा किया कि जांच एजेंसियां TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास की तलाशी ले रही हैं। वहीं, ED ने कथित नगर पालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में TMC विधायक मदन मित्रा से जुड़े सात ठिकानों पर छापेमारी की है।
लॉकेट चटर्जी ने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी के खिलाफ सबूत मिलते हैं तो कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
West Bengal की पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर FIR का मामला
राज्य में राजनीतिक तनाव उस समय और बढ़ गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की खबर सामने आई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के विरोध के दौरान कथित रूप से विवादित और सामुदायिक तनाव बढ़ाने वाले बयान दिए थे।
Mamata Banerjee के खिलाफ शिकायत दर्ज, संवैधानिक संस्थाओं पर कथित विवादित बयानों को लेकर उठे सवाल
आरोपों के अनुसार, ममता बनर्जी ने एक विशेष समुदाय को संबोधित करते हुए सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति को लेकर टिप्पणी की थी। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है।
TMC में बगावत के दावे
इस बीच, पार्टी से निष्कासित नेता और विधानसभा में विपक्ष के उपनेता संदीपन साहा ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि असंतुष्ट तृणमूल कांग्रेस विधायकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार, शुरुआत में 58 विधायक उनके संपर्क में थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 64 हो गई है।
साहा ने कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष गहरा रहा है और कई विधायक मौजूदा नेतृत्व से नाराज हैं। हालांकि TMC ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है।
CID के सामने पेश होंगे अभिषेक बनर्जी
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने पुष्टि की है कि उन्हें एक भाषण से जुड़े मामले में CID का नोटिस मिला है। उन्होंने कहा कि वह जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करेंगे और निर्धारित तिथि पर पेश होंगे।
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अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद उनके खिलाफ लगातार नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि राजनीतिक भाषणों को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जबकि अन्य नेताओं के बयानों पर कोई कदम नहीं उठाया जाता।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले से जुड़ी जानकारी मीडिया में लीक किए जाने के खिलाफ उनकी पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
बागी सांसदों का NDA को समर्थन?
राजनीतिक हलचल के बीच बागी तृणमूल कांग्रेस सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि लगभग 20 असंतुष्ट सांसद लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने का फैसला कर सकते हैं।
बसुनिया के अनुसार, सभी असंतुष्ट सांसद पहले एक बैठक करेंगे और उसके बाद अपनी रणनीति तय करेंगे। यदि ऐसा होता है तो यह TMC के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है।
राहुल गांधी की भी टिप्पणी
इन घटनाक्रमों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी विपक्षी दलों से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष को सतर्क रहने की जरूरत है तथा सभी दलों को मिलकर राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना चाहिए।
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बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल
ED की कार्रवाई, CID नोटिस, ममता बनर्जी पर FIR, TMC में असंतोष और विपक्षी दलों की सक्रियता ने West Bengal की राजनीति को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और राजनीतिक फैसलों का राज्य की राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है। फिलहाल पूरे देश की नजर West Bengal के इन तेजी से बदलते घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।
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