अमेरिका में भारतीय मूल के Mehul Goswami को सरकारी सेवा के दौरान निजी कंपनी के लिए काम करने के आरोप में 15 साल की सजा
गोस्वामी को 15 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया और बाद में उन्हें माल्टा टाउन कोर्ट में न्यायाधीश जेम्स ए. फौसी के समक्ष पेश किया गया। मामले की सुनवाई जारी रहने तक उन्हें बिना ज़मानत रिहा कर दिया गया, क्योंकि न्यूयॉर्क के नए कानून के तहत यह अपराध ज़मानत योग्य नहीं माना जाता।

न्यूयॉर्क में रहने वाले 39 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति Mehul Goswami को अमेरिकी अधिकारियों ने सरकारी सेवा के दौरान निजी कंपनी के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन पर “बड़ी चोरी (Grand Larceny in the Second Degree)” का आरोप लगाया गया है, जो न्यूयॉर्क में एक गंभीर श्रेणी-सी अपराध है। इस अपराध के लिए अधिकतम 15 वर्ष तक की जेल की सजा हो सकती है।
रिपोर्टों के अनुसार, Mehul Goswami न्यूयॉर्क राज्य सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कार्यालय (Office of Information Technology Services) में कार्यरत थे, जबकि इसी दौरान उन्होंने मार्च 2022 से माल्टा स्थित सेमीकंडक्टर कंपनी ग्लोबलफाउंड्रीज़ में एक ठेकेदार के रूप में भी काम करना शुरू कर दिया। यह काम उन्होंने उन्हीं घंटों में किया जब उन्हें सरकारी नौकरी की जिम्मेदारियाँ निभानी थीं।
यह मामला एक गुमनाम ईमेल शिकायत से उजागर हुआ, जिसमें आरोप लगाया गया कि गोस्वामी ने सरकारी नौकरी के समय का उपयोग निजी कंपनी के लिए काम करने में किया। न्यूयॉर्क राज्य महानिरीक्षक कार्यालय (Office of the Inspector General) और साराटोगा काउंटी शेरिफ कार्यालय की संयुक्त जांच में यह पाया गया कि उनके इस आचरण से करदाताओं के लगभग 50,000 डॉलर का दुरुपयोग हुआ।
सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का मामला: Mehul Goswami मुश्किल में

महानिरीक्षक लुसी लैंग ने कहा, “सरकारी कर्मचारियों को ईमानदारी और निष्ठा से काम करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। गोस्वामी का कथित आचरण उस भरोसे का गंभीर उल्लंघन है। राज्य के लिए काम करने का दावा करते हुए दूसरी पूर्णकालिक नौकरी करना सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग है।”
गोस्वामी को 15 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया और बाद में उन्हें माल्टा टाउन कोर्ट में न्यायाधीश जेम्स ए. फौसी के समक्ष पेश किया गया। मामले की सुनवाई जारी रहने तक उन्हें बिना ज़मानत रिहा कर दिया गया, क्योंकि न्यूयॉर्क के नए कानून के तहत यह अपराध ज़मानत योग्य नहीं माना जाता।
टाइम्स यूनियन की रिपोर्ट के अनुसार, Mehul Goswami ने राज्य सरकार के लिए एक परियोजना समन्वयक (Project Coordinator) के रूप में काम किया था और उन्होंने 2024 में $117,891 का वेतन अर्जित किया।
इस मामले ने दूरस्थ (remote) नौकरियों में समानांतर काम करने के नैतिक और कानूनी पहलुओं पर एक नई बहस को जन्म दिया है।
अन्य ख़बरों के लिए यहाँ क्लिक करें