India-EU संबंध नई ऊंचाइयों पर, PM Modi ने किया सबसे बड़े FTA का ऐलान

PM Modi ने नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भारत–यूरोपीय संघ संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचने वाला बताया। उन्होंने कहा कि साझा लोकतांत्रिक मूल्य, आर्थिक तालमेल और लोगों के बीच मजबूत संपर्क इस साझेदारी की बुनियाद हैं, जो समय के साथ और मजबूत हुई है।

India-EU व्यापार और लोगों के बीच मजबूत संबंध

PM Modi ने जानकारी दी कि वर्तमान में भारत और यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 80 बिलियन यूरो तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही 8 लाख से अधिक भारतीय यूरोप के विभिन्न देशों में रह रहे हैं, जो दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रिश्तों को और गहराई देते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि आपसी भरोसे और साझेदारी का प्रमाण है।

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भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

प्रेस वार्ता के दौरान PM Modi ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की घोषणा की। उन्होंने इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता बताया। यह समझौता 27 जनवरी को यूरोपीय संघ के सभी 27 देशों के साथ संपन्न हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि यह डील सिर्फ व्यापार बढ़ाने का जरिया नहीं, बल्कि भारत और यूरोप के बीच दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी की मजबूत नींव है।

किसानों, MSME और उद्योगों के लिए नए अवसर

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारतीय किसानों, छोटे उद्योगों, सहकारी संस्थाओं और एमएसएमई सेक्टर के लिए यूरोपीय बाजार तक पहुंच को आसान बनाएगा। इससे भारतीय उत्पादों को नए बाजार मिलेंगे और प्रतिस्पर्धा की क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और सेवा क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।

निवेश, नवाचार और सप्लाई चेन को मिलेगी रफ्तार

PM Modi के अनुसार, यह समझौता निवेश को बढ़ावा देगा और भारत–ईयू के बीच नवाचार साझेदारी को नई दिशा देगा। इसके साथ ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं और अधिक मजबूत होंगी, जिससे दोनों पक्षों को स्थिर और भरोसेमंद व्यापारिक माहौल मिलेगा। उन्होंने इसे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

साझा समृद्धि और वैश्विक भलाई का विज़न

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट केवल व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का नया खाका है। उन्होंने कहा कि भारत–ईयू सहयोग वैश्विक भलाई के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उन्होंने इंडो-पैसिफिक से लेकर कैरेबियन क्षेत्र तक त्रिपक्षीय परियोजनाओं के विस्तार का ऐलान किया, जो सतत कृषि, स्वच्छ ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित होंगी।

विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता ‘विकसित भारत’ के विज़न का एक ठोस एक्शन है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, किसानों और एमएसएमई सेक्टर के लिए नए द्वार खुलेंगे और भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने इसे भारत और यूरोप दोनों के लिए एक विन–विन साझेदारी करार दिया।

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