Sambhal: नाबालिग से छेड़खानी का दोषी करार, 3 साल कारावास और ₹5000 अर्थदंड

हर बेटी की सुरक्षा समाज और शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह फैसला यह विश्वास भी दिलाता है कि बेटियों के सम्मान और गरिमा की रक्षा हेतु कानून और शासन पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं।

Sambhal: यूपी के जनपद सम्भल में मिशन शक्ति (फेज–5.0/2025) के तहत आज एक महत्वपूर्ण फैसला आया। जनपद सम्भल की विशेष पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग से अश्लील हरकत करने के मामले में अभियुक्त पीतांबर उर्फ पीकम उर्फ गूंगा को 3 वर्ष का कठोर कारावास और ₹5000 अर्थदंड से दंडित किया।

Sambhal में मिशन शक्ति 5.0 – नारी सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर

Convicted of molesting a minor in Sambhal

अदालत का निर्णय:

माननीय विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट श्री अवधेश सिंह की अदालत ने विशेष सत्र परीक्षण संख्या 06/2020 (अपराध संख्या 593/2020, थाना गुन्नौर) में अभियुक्त को दोषसिद्ध कर यह स्पष्ट संदेश दिया कि बेटियों की गरिमा और सम्मान पर आंच डालने वालों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा।

जघन्य अपराध:

अभियुक्त ने नाबालिग बालिका के साथ अश्लील हरकत की, जिसने समाज को झकझोर दिया।

अभियोग की भूमिका:

विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) श्री नरेन्द्र कुमार यादव ने न्यायालय में सशक्त और तथ्यों पर आधारित दलीलें पेश की। गवाहों के बयान, चिकित्सीय प्रमाण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को कठोर दंड सुनाया गया।

Sambhal में मिशन शक्ति 5.0 – नारी सुरक्षा और सशक्तिकरण पर जोर

सरकार और प्रशासन की दृढ़ता:

यह फैसला प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह संकल्प लिया गया है कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी श्री राजेन्द्र पेंसिया, पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण कुमार, पुलिस टीम और अभियोजन विभाग ने पीड़िता को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समाज के लिए संदेश:

Convicted of molesting a minor in Sambhal

यह निर्णय केवल एक मुकदमे का निपटारा नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी और प्रेरणा है। जघन्य अपराधियों को कानून से बचना असंभव है। न्यायिक व्यवस्था अब त्वरित एवं प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में और अधिक सशक्त कदम उठा रही है।

हर बेटी की सुरक्षा समाज और शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह फैसला यह विश्वास भी दिलाता है कि बेटियों के सम्मान और गरिमा की रक्षा हेतु कानून और शासन पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं।

Sambhal से खलील मलिक की खास रिपोर्ट

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