Vitamin C: त्वचा को अंदर से बदलने वाली चमत्कारी शक्ति, नई स्टडी का खुलासा

​विटामिन C से भरपूर खाना केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता ही नहीं बढ़ाता, बल्कि हाल की वैज्ञानिक स्टडी के अनुसार आपकी त्वचा की मोटाई, चमक, लचीलापन और झुर्रियों पर भी प्रत्यक्ष शारीरिक असर डाल सकता है।

Vitamin C से भरपूर खाना केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता ही नहीं बढ़ाता, बल्कि हाल की वैज्ञानिक स्टडी के अनुसार आपकी त्वचा की मोटाई, चमक, लचीलापन और झुर्रियों पर भी प्रत्यक्ष शारीरिक असर डाल सकता है। न्यूज़ीलैंड और जर्मनी के वैज्ञानिकों ने पाया कि रोज़ाना विटामिन C से भरपूर फल (जैसे कीवी आदि) खाने से खून में विटामिन C का स्तर बढ़ा और कुछ ही हफ्तों में त्वचा की परतें मोटी, ज़्यादा मज़बूत और तेजी से रीजनरेट होती दिखीं, यानी आपकी डाइट सचमुच त्वचा की बनावट बदल सकती है।

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Vitamin C पर हाल की नई स्टडी क्या कहती है?

यूनिवर्सिटी ऑफ ओटागो (न्यूज़ीलैंड) की एक रिसर्च ने यह साबित किया कि जितना ज़्यादा विटामिन C आप खाते हैं, उतना ही ज़्यादा विटामिन C आपकी त्वचा तक पहुँचता है।

स्टडी में 24 स्वस्थ वयस्कों को रोज़ाना विटामिन C से भरपूर SunGold™ कीवीफ्रूट खाने को कहा गया और उनकी रक्त (प्लाज़्मा) व त्वचा में विटामिन C के स्तर को मापा गया।

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जिन्हें अतिरिक्त विटामिन C मिला, उनकी त्वचा में कोलेजन उत्पादन बढ़ा, त्वचा की मोटाई (skin thickness) में मापने लायक इज़ाफा हुआ, और ऊपरी परत (एपिडर्मिस) की रीजनरेशन तेज़ हुई।

वैज्ञानिकों ने पाया कि खून में विटामिन C का स्तर और त्वचा में विटामिन C का स्तर आपस में बहुत मज़बूती से जुड़े हैं, और यह संबंध दूसरे कई अंगों की तुलना में त्वचा के साथ ज़्यादा स्पष्ट दिखा।

Vitamin C power to transform skin from the inside out

Vitamin C त्वचा पर काम कैसे करता है?

Vitamin C, जिसे एस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है, कोलेजन बनाने वाले एंजाइम्स का ज़रूरी सह-घटक (cofactor) है, यानी कोलेजन के फाइबर ठीक से बनने के लिए इसकी ज़रूरत पड़ती है।

कोलेजन वही प्रोटीन है जो त्वचा को मजबूती, कसाव और लोच (elasticity) देता है; उम्र बढ़ने पर या विटामिन C की कमी में यही कोलेजन सबसे पहले प्रभावित होता है।

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विटामिन C एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो धूप (UV), प्रदूषण और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करता है, इस तरह फोटोएजिंग, झुर्रियों और दाग-धब्बों की गति धीमी कर सकता है।

यह मेलेनिन बनने की प्रक्रिया में भी दखल देकर हाइपरपिग्मेंटेशन और असमान त्वचा-रंग को कुछ हद तक नियंत्रित करने में मदद करता है।

अन्य अध्ययनों में पाया गया कि ज्यादा विटामिन C लेने वाली महिलाओं में चेहरे पर झुर्रियों की संभावना कम और त्वचा की सूखापन (senile dryness) कम दिखा।

क्या सचमुच “स्किन फिजिकली बदलती” है?

वैज्ञानिक भाषा में “फिजिकल चेंज” का मतलब केवल चमक या ग्लो नहीं, बल्कि संरचनात्मक बदलाव भी है – जैसे मोटाई, कोलेजन की मात्रा, पानी की पकड़ और सतह की बनावट।

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ओटागो स्टडी में विटामिन C से भरपूर फल खाने पर

त्वचा की मोटाई (dermal thickness) में वृद्धि दर्ज की गई, जो कोलेजन बढ़ने का प्रत्यक्ष संकेत है।

बाहरी परत (एपिडर्मिस) की कोशिकाएँ तेज़ी से रीजनरेट हुईं, यानी पुरानी, रूखी कोशिकाओं की जगह नई कोशिकाएँ जल्दी आने लगीं।

दूसरी क्लिनिकल रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों के आहार में विटामिन C और लिनोलिक एसिड ज़्यादा था, उनकी त्वचा पर झुर्रियाँ कम और dryness भी कम थी, जो उम्र के साथ दिखने वाले बदलावों में एक बड़ा अंतर है।

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कुछ ओरल सप्लीमेंट्स, जिनमें विटामिन C शामिल था, ने 16 हफ्तों में फ़ोटोडैमेज्ड चेहरे की त्वचा की बनावट, रेडिएंस और फाइन लाइन्स में भी सुधार दिखाया।

इसका मतलब यह नहीं कि आप रातोंरात जवान दिखने लगेंगे, बल्कि यह कि नियमित और पर्याप्त विटामिन C आपकी त्वचा की माइक्रो-स्ट्रक्चर व गुणवत्ता को धीरे-धीरे सुधार सकता है।

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खाने से मिलने वाला विटामिन C बनाम क्रीम/सीरम


त्वचा के लिए विटामिन C दो रास्तों से दिया जा सकता है – डाइट के ज़रिए और टॉपिकल (क्रीम/सीरम) के ज़रिए। दोनों की भूमिका थोड़ी अलग लेकिन पूरक है।

टॉपिकल विटामिन C (लगाने वाला)

5% या उससे अधिक सांद्रता वाले टॉपिकल विटामिन C से झुर्रियों में कमी, कोलेजन में वृद्धि और त्वचा की बनावट में सुधार दिखा है।

कुछ 12 हफ्तों की स्टडीज़ में विटामिन C सीरम से फाइन लाइन्स, रेडनेस, पिग्मेंटेशन और ओवरऑल स्किन क्वालिटी में झलकने वाला सुधार देखा गया।

खाने वाला विटामिन C

ओटागो की स्टडी ने साफ किया कि खुराक बढ़ाने पर त्वचा के हर लेयर में विटामिन C पहुँचता है और कोलेजन व रीजनरेशन दोनों को सपोर्ट करता है।

न्यूट्रिशन और स्किन पर हुई कई समीक्षाएँ दिखाती हैं कि संतुलित, विटामिन C से भरपूर आहार, लंबे समय में “यंगर दिखने वाली” त्वचा से जुड़ा है।

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इसलिए केवल सीरम या केवल गोली के भरोसे रहने के बजाय, आहार और स्किनकेयर दोनों को संतुलित रखना अधिक प्रभावी रणनीति मानी जा रही है।

किन फूड्स से लें, कितनी मात्रा रखें?

अधिकतर वयस्कों के लिए सुझाई गई डेली ज़रूरत (RDA) लगभग 75–90 mg प्रतिदिन मानी जाती है, पर नई स्टडीज़ बताती हैं कि त्वचा और एंटीऑक्सीडेंट प्रोटेक्शन के लिए इससे कुछ अधिक लेना लाभकारी हो सकता है, बशर्ते डॉक्टर की सलाह और अपनी सेहत को ध्यान में रखा जाए।

Vitamin C के प्रमुख प्राकृतिक स्रोत:

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आंवला, अमरूद, संतरा, नींबू, मौसंबी, कीवी, स्ट्रॉबेरी जैसे फल। शिमला मिर्च, टमाटर, पालक, ब्रोकोली जैसी सब्ज़ियाँ।

ओटागो स्टडी में केवल दो कीवीफ्रूट रोज़ खाने से ही खून और त्वचा में विटामिन C के लेवल और त्वचा की मोटाई पर असर देखा गया।

ध्यान रहे, बहुत ज़्यादा हाई-डोज़ सप्लीमेंट (खासतौर पर 1000 mg से ऊपर) कुछ लोगों में गैस्ट्रिक परेशानी या किडनी स्टोन का रिस्क बढ़ा सकते हैं, इसलिए लंबे समय तक हाई डोज़ लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।

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