तारातला हादसे पर CM Suvendu Adhikari का बड़ा बयान, 6 गिरफ्तार; KMC करेगी आर्किटेक्ट को ब्लैकलिस्ट

पश्चिम बंगाल के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम शेड गिरने की दर्दनाक घटना के बाद राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने शुक्रवार को कहा कि मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पूरे प्रकरण की जांच कोलकाता पुलिस की लालबाजार क्राइम ब्रांच द्वारा पुलिस कमिश्नर की सीधी निगरानी में की जा रही है।
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और आने वाले दिनों में और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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छह गिरफ्तार, मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने बताया कि इस मामले में कथित तौर पर शामिल ब्रोकर और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर स्वयं मामले की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें गृह सचिव से लगातार रिपोर्ट मिल रही है।
Suvendu Adhikari ने कहा, “कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इस विशेष मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लालबाजार क्राइम ब्रांच पूरे मामले की जांच कर रही है और पुलिस कमिश्नर खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं।”
आर्किटेक्ट और प्लानर को किया जाएगा ब्लैकलिस्ट
मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने यह भी घोषणा की कि कोलकाता नगर निगम (KMC) इस परियोजना से जुड़े आर्किटेक्ट और प्लानर को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल इस मामले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में शामिल लोगों को किसी भी सरकारी या निगम परियोजना में काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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Suvendu Adhikari ने कहा, “यह केवल शुरुआत है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में इस तरह के काम में शामिल किसी भी व्यक्ति को आधिकारिक रूप से काम करने का मौका न मिले।”
Suvendu Adhikari ने रिश्वतखोरी के मामलों में आगे आने की अपील की
मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें भवन निर्माण योजना की मंजूरी के लिए रिश्वत देने के लिए मजबूर किया गया है, तो वे सामने आएं और अपने स्थानीय पुलिस थानों में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएं।
उन्होंने कहा कि चाहे मामला कोलकाता नगर निगम का हो या आसपास की किसी नगरपालिका का, सरकार हर शिकायत की गंभीरता से जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
“यदि किसी व्यक्ति को बिल्डिंग प्लान पास कराने के लिए परेशान किया गया है या रिश्वत देने के लिए मजबूर किया गया है, तो वह बिना डर के पुलिस में शिकायत दर्ज कराए। सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा,” मुख्यमंत्री ने कहा।
31 जुलाई तक निर्माण कार्य पर रोक
इस बीच, कोलकाता नगर निगम ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी करते हुए अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी निर्माण कार्यों पर 31 जुलाई तक या अगले आदेश तक रोक लगाने का फैसला किया है। यह निर्णय तारातला में बुधवार को हुए भीषण हादसे के बाद लिया गया है।
गौरतलब है कि तारातला क्षेत्र में निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक गिर जाने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 19 अन्य घायल हो गए थे। इस हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच और जवाबदेही पर सरकार का जोर
राज्य सरकार का कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और निर्माण कार्यों में लापरवाही, भ्रष्टाचार या नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार सभी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, पूरे राज्य में निर्माण परियोजनाओं की निगरानी और सुरक्षा मानकों की समीक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है।
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